दशहरे पर रावण की जगह ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाने की तैयारी में कांग्रेस
‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर आंदोलन तेज करेगी पार्टी; जिला अध्यक्षों और प्रभारियों की बैठक में दशहरा कार्यक्रम और दिल्ली के आगामी आयोजन के लिए कार्यकर्ताओं को जुटाने पर चर्चा
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर अपना विरोध तेज करने की तैयारी की है। पार्टी दशहरे पर रावण दहन के बजाय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन करने की योजना बना रही है। इस संबंध में जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों की बैठक में निर्देश दिए गए। बैठक में दिल्ली में होने वाले आगामी कार्यक्रमों के लिए कार्यकर्ताओं को जुटाने और संगठन को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी इन आरोपों को लेकर आंदोलन चला रही है और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग कर रही है। प्रस्तावित पुतला दहन को इसी विरोध अभियान की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, यह कांग्रेस की योजना है; कार्यक्रमों के स्थान और स्थानीय स्तर पर आयोजन की विस्तृत जानकारी संबंधित इकाइयों की तैयारियों के बाद सामने आएगी।
दशहरे के मौके पर विरोध दर्ज कराने की योजना
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है और इस दिन कई स्थानों पर रावण दहन के कार्यक्रम होते हैं। कांग्रेस इस अवसर का उपयोग अपने राजनीतिक विरोध को दर्ज कराने के लिए करना चाहती है। पार्टी की योजना है कि रावण के पुतले के बजाय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया जाए और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को जनता के बीच उठाया जाए।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल लोकतंत्र और नागरिकों के मतदान अधिकारों से जुड़े हैं। पार्टी इन मुद्दों पर जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रही है। प्रस्तावित कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस अपने आरोपों और मांगों को सार्वजनिक रूप से सामने रखने की तैयारी कर रही है।
जिला अध्यक्षों और प्रभारियों को दिए गए निर्देश
इस योजना को लेकर हुई बैठक में जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए कहा गया। पार्टी संगठन दशहरा कार्यक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारी करेगा। बैठक में आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की जानकारी कार्यकर्ताओं तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।
जिला इकाइयों की भूमिका इस अभियान में महत्वपूर्ण होगी। स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने, कार्यकर्ताओं को सूचना देने और आयोजन के लिए समन्वय करने की जिम्मेदारी जिला नेतृत्व संभालेगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पार्टी ने जिला अध्यक्षों और प्रभारियों को आंदोलन से जुड़ने और संगठन को सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली के कार्यक्रमों के लिए भी जुटाए जाएंगे कार्यकर्ता
बैठक में दिल्ली में होने वाले आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा हुई। कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि इन कार्यक्रमों में मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हों। इसके लिए जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं को तैयार करने और संगठनात्मक समन्वय बढ़ाने की बात कही गई। पार्टी की रणनीति में एक ओर दशहरे के अवसर पर विरोध कार्यक्रम और दूसरी ओर दिल्ली के आगामी आयोजन के लिए जुटाव शामिल है।
‘वोट चोरी’ के आरोपों पर सियासी बहस
‘वोट चोरी’ का मुद्दा कांग्रेस के राजनीतिक अभियान का प्रमुख हिस्सा बना हुआ है। पार्टी चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच और मतदाता अधिकारों की रक्षा की मांग कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र में चुनाव की निष्पक्षता और मतदाता सूची की शुद्धता पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है। इन्हीं मांगों को लेकर पार्टी अलग-अलग स्तरों पर विरोध दर्ज करा रही है।
दूसरी ओर, पुतला दहन जैसे कार्यक्रमों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाने की संभावना है। दशहरे पर प्रस्तावित इस कदम से कांग्रेस अपने विरोध को प्रतीकात्मक रूप में सामने लाना चाहती है। आने वाले दिनों में जिला इकाइयों की तैयारियों और स्थानीय कार्यक्रमों की जानकारी स्पष्ट होगी। फिलहाल पार्टी ने जिला अध्यक्षों और प्रभारियों को आंदोलन की तैयारी तथा दिल्ली के कार्यक्रमों के लिए कार्यकर्ताओं को जुटाने के निर्देश दिए हैं।
