300 विषयों का स्मरण, ज्ञान-साधना का अद्भुत संगम; महिदपुर रोड में पहली बार होगा भव्य त्रिशतावधान
गुरुराज जन्म द्विशताब्दी वर्ष पर जैन समाज का विशेष आयोजन, 21 अक्टूबर को साध्वी डॉ. अमृतरसाश्रीजी म.सा. की निश्रा में जुटेंगे विभिन्न श्रीसंघ
महिदपुर रोड। 300 विषयों को एक साथ स्मरण रखने की अद्भुत क्षमता का प्रदर्शन, ज्ञान-साधना की विलक्षणता और धर्म आराधना का संगम—महिदपुर रोड में जैन समाज को ऐसा विशेष अवसर देखने को मिलेगा। गुरुराज जन्म द्विशताब्दी वर्ष के पावन प्रसंग पर त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ की परंपरा में पहली बार भव्य त्रिशतावधान (300) का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को प्रातः 8:30 बजे गोविन्दम् वाटिका, नागदा तिराहा, महिदपुर रोड पर होगा।
आयोजन को लेकर जैन समाज में उत्साह का माहौल है। जावरा, रतलाम, नागदा, भाटपचलाना, खाचरौद, मंदसौर, महिदपुर, ताल और आलोट सहित आसपास के विभिन्न श्रीसंघों के श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन समिति ने समाजजनों से इस विशेष अवसर पर सहभागी होकर ज्ञान-साधना और धर्म आराधना का लाभ लेने का अनुरोध किया है।
300 विषयों को स्मरण रखने की क्षमता बनेगी आकर्षण
जैन समाज के मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने बताया कि त्रिशतावधान के दौरान 300 विषयों को एक साथ स्मरण रखने की अद्भुत क्षमता का प्रदर्शन किया जाएगा। यह प्रस्तुति अपनी विशिष्टता के कारण श्रद्धालुओं और समाजजनों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी। कार्यक्रम में स्मरण शक्ति के साथ ज्ञान, एकाग्रता और साधना का परिचय देखने को मिलेगा।
त्रिशतावधान के इस आयोजन को गुरुराज जन्म द्विशताब्दी वर्ष के विशेष प्रसंग से जोड़ा गया है। आयोजकों के अनुसार, यह अवसर समाजजनों को ज्ञान-साधना से जुड़ने और धर्म आराधना में सहभागी बनने का अवसर देगा। आसपास के अनेक श्रीसंघों को कार्यक्रम की जानकारी दी गई है और श्रद्धालुओं के आगमन की तैयारी की जा रही है।
श्रीसंघ और नवयुवक परिषद परिवार के तत्वावधान में आयोजन
कार्यक्रम सौधर्म बृहत्तपोगच्छीय त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ चातुर्मास समिति एवं अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद परिवार, महिदपुर रोड के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा कार्यक्रम की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। गोविन्दम् वाटिका, नागदा तिराहा में होने वाले आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं की भागीदारी रहेगी।
समिति ने समाजजनों से निर्धारित समय पर पहुंचने और कार्यक्रम में शामिल होकर त्रिशतावधान का लाभ लेने की अपील की है। आयोजन में सहभागिता को धर्मलाभ और ज्ञान-साधना से जुड़ने का अवसर बताया गया है।
साध्वी डॉ. अमृतरसाश्रीजी म.सा. की रहेगी पावन निश्रा
यह आयोजन युगप्रभावक गुरुदेव पुण्यसम्राट श्री जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा के समुदायवर्ती पूज्य साध्वीजी श्री भुवनप्रभाश्रीजी म.सा. की सुशिष्या पूज्य साध्वीजी श्री डॉ. अमृतरसाश्रीजी म.सा. की पावन निश्रा में संपन्न होगा।
त्रिशतावधान कर्ता पूज्य साध्वीजी श्री निरागरसा श्रीजी म.सा. और पूज्य साध्वीजी श्री जिनांशरसाश्रीजी म.सा. सहित ठाणा-3 की मंगलकारी उपस्थिति भी रहेगी। साध्वी भगवंतों की निश्रा में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर समाज के लोगों में विशेष उत्सुकता है।
नवकारसी और स्वामी वात्सल्य का लाभ परिवारों ने लिया
श्री त्रिशतावधान के मंगलकारी संपूर्ण आयोजन में नवकारसी एवं स्वामी वात्सल्य का लाभ पंकज कुमार शिवनारायण मंडोरा परिवार और पीयूष कुमार प्रकाश चंद चतर परिवार द्वारा लिया गया है। आयोजन समिति ने दोनों परिवारों के सहयोग का उल्लेख करते हुए समाजजनों से कार्यक्रम में उपस्थित रहने का आग्रह किया है।
सकल जैन श्रीसंघ और आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी समाजजनों से 21 अक्टूबर को गोविन्दम् वाटिका पहुंचने की अपील की है। समिति ने कहा कि त्रिशतावधान की विशेष प्रस्तुति के माध्यम से श्रद्धालुओं को ज्ञान-साधना के इस आयोजन से जुड़ने और धर्मलाभ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
