अनूपपुर के शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय में नवरात्रि पर कन्या भोज आयोजित। लक्ष्मण राव ने बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसरों पर दिया जोर।
अनूपपुर में कन्या भोज का आयोजन, बेटियों का पूजन कर दिया सम्मान और संस्कारों का संदेश
बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर देना समाज की जिम्मेदारी: लक्ष्मण राव
कन्या भोज जैसे आयोजन भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को करते हैं मजबूत: अजय प्रसाद
दैनिक स्वराज वाणी | अनूपपुर।
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय, अनूपपुर बस्ती में विद्यालय परिवार द्वारा कन्या भोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कन्याओं का विधि-विधान से पूजन कर उन्हें भोजन कराया गया तथा शैक्षणिक सामग्री भेंट की गई। कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय संस्कृति, नारी सम्मान, शिक्षा और नैतिक संस्कारों का संदेश दिया गया।
कन्याओं के चरण पूजन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत कन्याओं के चरण पूजन से हुई। बच्चियों के चरणों में लाल आल्ता लगाकर चंदन और तिलक से उनका सम्मान किया गया। इसके बाद सभी कन्याओं को प्रेमपूर्वक भोजन कराया गया और उपहार स्वरूप शैक्षणिक सामग्री प्रदान की गई।
इस दौरान विद्यालय परिसर में श्रद्धा, उत्साह और उल्लास का वातावरण रहा। शिक्षकों के सामूहिक सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों की झलक देखने को मिली।
बेटियों को समान अवसर देना समाज की जिम्मेदारी: लक्ष्मण राव
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रेलवे मजदूर कांग्रेस के जोनल कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मण राव ने कहा कि कन्या पूजन भारतीय संस्कृति और नारी सम्मान की समृद्ध परंपरा का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि बेटियों को देवी स्वरूप मानकर उनका सम्मान करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें बेहतर शिक्षा, सुरक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना भी समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
लक्ष्मण राव ने विद्यालय परिवार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने के साथ सामाजिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना मजबूत करते हैं।
भारतीय संस्कृति से जोड़ते हैं ऐसे आयोजन: अजय प्रसाद
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विद्यालय के प्रधानाध्यापक अजय प्रसाद ने कहा कि कन्या भोज जैसे आयोजन भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से ही सेवा, सम्मान, सद्भाव और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देना आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति से जोड़ने के साथ बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की प्रेरणा देते हैं।
प्रधानाध्यापक ने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी शिक्षकों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
शिक्षकों और समाजसेवियों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती शैल शर्मा, श्रीमती स्वाति राव, श्रीमती सविता प्रजापति, अतिथि अध्यापक विद्या राठौर, समाजसेवी रमेश प्रजापति सहित विद्यालय समिति के पदाधिकारी एवं अन्य विभागीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
विद्यालय परिवार के सामूहिक सहयोग से कार्यक्रम संपन्न हुआ। आयोजन के माध्यम से बेटियों के सम्मान, शिक्षा के महत्व, भारतीय संस्कृति के संरक्षण और बच्चों में नैतिक संस्कार विकसित करने का संदेश दिया गया।


