मोबाइल में टेम्पर्ड ग्लास नहीं लगाया तो क्या होगा? स्क्रीन पर खरोंच और टूटने का खतरा
फोन की अपनी स्क्रीन भी मजबूत होती है, लेकिन टेम्पर्ड ग्लास और कवर अतिरिक्त सुरक्षा देते हैं
नई दिल्ली। स्मार्टफोन रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। कॉल, मैसेज, भुगतान, खरीदारी और कामकाज—कई जरूरतें अब मोबाइल से पूरी होती हैं। ऐसे में फोन की स्क्रीन पर खरोंच या दरार पड़ना परेशानी और खर्च दोनों का कारण बन सकता है। कई लोग स्क्रीन की सुरक्षा के लिए टेम्पर्ड ग्लास लगवाते हैं। लेकिन अगर फोन पर टेम्पर्ड ग्लास न लगाया जाए, तो क्या स्क्रीन तुरंत खराब हो जाएगी?
इसका जवाब है—जरूरी नहीं। कई स्मार्टफोन में स्क्रीन को नुकसान से बचाने के लिए मजबूत कवर ग्लास दिया जाता है। फिर भी कोई भी स्क्रीन पूरी तरह खरोंच या टूटने से सुरक्षित नहीं होती। टेम्पर्ड ग्लास एक अतिरिक्त परत की तरह काम करता है, जो रोजमर्रा के कुछ जोखिमों को कम कर सकता है। यह हर तरह की गिरावट या तेज चोट से बचाव की गारंटी नहीं देता। Corning के अनुसार, मजबूत स्क्रीन ग्लास भी पर्याप्त दबाव या चोट लगने पर टूट सकता है।
टेम्पर्ड ग्लास किस तरह मदद करता है?
टेम्पर्ड ग्लास फोन की असली स्क्रीन के ऊपर लगाया जाता है। इससे चाबियों, सिक्कों या अन्य कठोर चीजों के संपर्क से होने वाली छोटी खरोंचों का जोखिम कम हो सकता है। फोन गिरने या स्क्रीन पर हल्की चोट लगने की स्थिति में अतिरिक्त परत कुछ असर अपने ऊपर ले सकती है। इससे कुछ मामलों में फोन की मूल स्क्रीन बच सकती है, जबकि टेम्पर्ड ग्लास में दरार आ सकती है।
स्क्रीन प्रोटेक्टर लगाने का एक व्यावहारिक फायदा यह भी है कि खराब या खरोंचदार हो जाने पर उसे बदला जा सकता है। फोन की मूल स्क्रीन की मरम्मत की तुलना में प्रोटेक्टर बदलना आमतौर पर आसान होता है। हालांकि, परिणाम इस बात पर निर्भर करते हैं कि फोन कैसे गिरा, किस सतह पर गिरा और चोट किस हिस्से पर लगी।
बिना टेम्पर्ड ग्लास के स्क्रीन को क्या खतरा है?
टेम्पर्ड ग्लास के बिना इस्तेमाल करने पर स्क्रीन सीधे आसपास की वस्तुओं के संपर्क में रहती है। फोन को चाबियों या धातु की चीजों के साथ जेब में रखने, रेत या धूल वाली जगह पर इस्तेमाल करने अथवा उसे असमतल सतह पर रखने से खरोंच पड़ सकती है। फोन हाथ से फिसलकर जमीन पर गिर जाए, तो स्क्रीन के कोने या किनारे पर दरार आने की आशंका रहती है।
Google Pixel की आधिकारिक सहायता जानकारी में ऐसा स्क्रीन प्रोटेक्टर चुनने की सलाह दी गई है जो स्क्रीन के किनारों और कोनों को भी ढके। साथ ही, फोन को चाबियों और दूसरी कठोर वस्तुओं से अलग रखने तथा उसे सतह के किनारे पर न छोड़ने जैसे सावधानी उपाय बताए गए हैं।
फोन का मजबूत ग्लास भी अटूट नहीं
आज कई मोबाइलों में Gorilla Glass जैसे मजबूत कवर ग्लास का इस्तेमाल होता है। इससे सामान्य इस्तेमाल के दौरान नुकसान का जोखिम घट सकता है, लेकिन इससे स्क्रीन को अटूट नहीं माना जा सकता। Corning भी बताता है कि पर्याप्त चोट या दबाव पड़ने पर Gorilla Glass टूट सकता है। इसलिए फोन में मजबूत ग्लास होने के बावजूद स्क्रीन प्रोटेक्टर और सही कवर अतिरिक्त सुरक्षा दे सकते हैं।
स्क्रीन प्रोटेक्टर चुनते समय रखें ध्यान
टेम्पर्ड ग्लास खरीदते समय फोन के मॉडल के अनुरूप आकार चुनें। गलत आकार का प्रोटेक्टर किनारों से उठ सकता है या स्क्रीन को पूरी तरह ढक नहीं पाएगा। लगाने के बाद बुलबुले, धूल और किनारों पर खुली जगह की जांच करें। फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर हो तो ऐसा प्रोटेक्टर चुनें जो उस मॉडल के साथ संगत हो।
घटिया या अनधिकृत प्रोटेक्टर से टच, फिंगरप्रिंट पहचान या डिस्प्ले की स्पष्टता प्रभावित हो सकती है। Samsung की सहायता जानकारी में भी बताया गया है कि कुछ असंगत थर्ड-पार्टी स्क्रीन प्रोटेक्टर टच और फिंगरप्रिंट पहचान में समस्या पैदा कर सकते हैं।
स्क्रीन की सुरक्षा के लिए ये सावधानियां भी अपनाएं
सिर्फ टेम्पर्ड ग्लास पर निर्भर रहने के बजाय फोन के लिए सही आकार का मजबूत कवर इस्तेमाल करें। फोन को चाबियों और सिक्कों के साथ एक ही जेब या बैग के हिस्से में रखने से बचें। उसे ऊंची या अस्थिर सतह के किनारे पर न रखें। स्क्रीन पर दरार आ जाए तो फोन को संभालकर इस्तेमाल करें और मरम्मत के लिए अधिकृत सर्विस सेंटर से सलाह लें। Samsung भी गिरने से स्क्रीन या बैक ग्लास टूटने की संभावना बताता है और क्षतिग्रस्त फोन की जांच सर्विस सेंटर से कराने की सलाह देता है।
कुल मिलाकर, टेम्पर्ड ग्लास न लगाने से स्क्रीन तुरंत खराब नहीं होती, लेकिन खरोंच और चोट का जोखिम बढ़ सकता है। स्क्रीन प्रोटेक्टर और फोन कवर मिलकर सुरक्षा की अतिरिक्त परत देते हैं, हालांकि वे स्क्रीन टूटने से पूरी तरह बचाने की गारंटी नहीं देते।
