PMEGP Loan Scheme: नए कारोबार के लिए 35% तक सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
मिनी राइस मिल, आटा चक्की, बेकरी और अन्य सूक्ष्म उद्योगों के लिए मिल सकती है बैंक ऋण सहायता
नई दिल्ली। नया सूक्ष्म उद्यम शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) एक विकल्प हो सकता है। यह केंद्र सरकार की ऋण-संबद्ध सब्सिडी योजना है, जिसे खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) राष्ट्रीय स्तर पर संचालित करता है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है। मिनी राइस मिल, बेकरी, आटा चक्की, अचार-पापड़ निर्माण और डेयरी जैसे प्रस्तावित कारोबारों के लिए पात्रता गतिविधि के प्रकार और परियोजना की मंजूरी पर निर्भर करेगी।
किन परियोजनाओं पर मिल सकती है सहायता
PMEGP के तहत नई विनिर्माण इकाई के लिए अधिकतम पात्र परियोजना लागत 50 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र की इकाई के लिए 20 लाख रुपये है। इन सीमाओं के भीतर बैंक परियोजना के लिए ऋण पर विचार करता है। योजना में पूंजीगत खर्च जरूरी है; केवल बिना पूंजीगत व्यय वाली परियोजनाएं पात्र नहीं हैं। जमीन की कीमत परियोजना लागत में शामिल नहीं की जा सकती। कारोबार की गतिविधि योजना के दिशा-निर्देशों में अनुमत होनी चाहिए और बैंक को परियोजना की व्यवहार्यता से संतुष्ट होना होता है।
सब्सिडी की दर कितनी है
सब्सिडी की दर आवेदक की श्रेणी और इकाई के ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में होने के आधार पर तय होती है। सामान्य श्रेणी के लिए निर्धारित दर शहरी क्षेत्र में परियोजना लागत का 15% और ग्रामीण क्षेत्र में 25% है। विशेष श्रेणी के आवेदकों के लिए शहरी क्षेत्र में 25% और ग्रामीण क्षेत्र में 35% तक मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान है। विशेष श्रेणी में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाएं, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर और कुछ अन्य निर्धारित समूह शामिल हैं। इसलिए हर आवेदक को 35% सब्सिडी नहीं मिलती।
आवेदक को भी परियोजना में अपना अंशदान देना होता है। सामान्य श्रेणी के लिए यह परियोजना लागत का 10% और विशेष श्रेणी के लिए 5% है। शेष वित्त बैंक ऋण के रूप में देता है, जो बैंक की जांच और स्वीकृति के अधीन होता है। सब्सिडी सीधे हाथ में मिलने वाली नकद सहायता नहीं है; यह बैंक के माध्यम से ऋण खाते में निर्धारित प्रक्रिया के तहत समायोजित होती है।
कौन कर सकता है आवेदन
नई इकाई के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति आवेदन कर सकता है। योजना में आय की अधिकतम सीमा तय नहीं है। 10 लाख रुपये से अधिक लागत वाली विनिर्माण परियोजना और 5 लाख रुपये से अधिक लागत वाली सेवा परियोजना के लिए कम से कम आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होने की शर्त है। योजना का लाभ नई परियोजनाओं के लिए है; पहले से चल रही इकाइयां और ऐसी इकाइयां जिन्होंने किसी अन्य सरकारी योजना के तहत सब्सिडी ली है, नई इकाई वाली सहायता के लिए पात्र नहीं हैं। एक परिवार से केवल एक व्यक्ति नई इकाई के लिए सहायता ले सकता है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
PMEGP के आधिकारिक पोर्टल पर “New Unit” आवेदन विकल्प चुनकर ऑनलाइन फॉर्म भरा जा सकता है। आवेदन में आधार के अनुसार नाम, पता, सामाजिक श्रेणी, प्रस्तावित इकाई का स्थान, कारोबार का प्रकार, परियोजना लागत और बैंक संबंधी जानकारी देनी होती है। परियोजना रिपोर्ट और मांगे गए प्रमाणपत्र अपलोड करने के बाद आवेदन संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी और बैंक के पास जांच के लिए जाता है। मंजूरी का निर्णय आवेदन की पात्रता, परियोजना की व्यवहार्यता और बैंक की ऋण प्रक्रिया के अनुसार होता है।
आवेदक को परियोजना रिपोर्ट, आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और लागू होने पर जाति या विशेष श्रेणी का प्रमाणपत्र तैयार रखना चाहिए। योजना के तहत स्थापित नई इकाई का Udyam पोर्टल पर पंजीकरण भी अनिवार्य है। आवेदन करने से पहले KVIC के आधिकारिक PMEGP पोर्टल पर ताजा दिशा-निर्देश और गतिविधियों की पात्रता जांचें। KVIC ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना के नाम पर निजी एजेंट या बिचौलियों को अधिकृत नहीं किया गया है; इसलिए आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल या संबंधित सरकारी कार्यालय के माध्यम से करें।
