Bhopal का मास्टर प्लान लागू, लेकिन इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में अब भी अटका
सागर, सतना और रीवा के पुराने प्लान की अवधि भी खत्म; सरकार बोली, प्रक्रिया जारी, पर समय सीमा तय नहीं
Bhopal । सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 20 वर्ष में भोपाल मास्टर प्लान (विकास योजना) का ड्राफ्ट लागू हो गया है। लेकिन प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में ऐसी स्थिति अब तक नहीं बन पाई है। इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों का मास्टर प्लान स्थानीय राजनीतिक समीकरणों और हितधारकों के दबाव में अटका हुआ है। इन हितधारकों में एक ओर बिल्डर और कॉलोनाइजर हैं, तो दूसरी ओर शासकीय एजेंसियाँ।
Bhopal में लागू, बाकी शहरों में इंतजार
भोपाल के मामले में सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद दो दशक से लंबित विकास योजना का ड्राफ्ट आखिरकार प्रभावी हुआ। मगर इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों के लिए यह रास्ता अभी साफ नहीं है। मास्टर प्लान शहर के भविष्य की दिशा तय करता है, इसलिए इसके अटकने का सीधा असर शहरों के विकास पर पड़ रहा है।
सागर, सतना और रीवा के प्लान की अवधि पूरी
सागर, सतना और रीवा के पुराने मास्टर प्लान की समय सीमा भी पूरी हो चुकी है। सागर और उज्जैन के मास्टर प्लान तैयार हो चुके हैं, लेकिन उन्हें विजन-2047 के तहत अपडेट किया जा रहा है।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने कहा कि प्रदेश के अन्य शहरों का मास्टर प्लान जल्द लाया जाएगा और इसकी प्रक्रिया चल रही है। हालाँकि इसके लिए कोई स्पष्ट समय सीमा नहीं बताई गई है।
अनियोजित विकास और अदालतों में प्रकरण
मास्टर प्लान न होने से इन शहरों में अनियोजित विकास हो रहा है। एनजीटी सहित अन्य न्यायालयों में शहरों के विकास से जुड़े कई प्रकरण विचाराधीन हैं।
सरकार का तर्क: मेट्रोपॉलिटन रीजन की तैयारी
सरकार का तर्क है कि जबलपुर और ग्वालियर को मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित करने की तैयारी है। ऐसे में केवल शहरी सीमा नहीं, बल्कि आसपास के गाँवों और कस्बों को जोड़कर लैंड यूज, ट्रांसपोर्ट, रिंग रोड, आवास, उद्योग, ड्रेनेज और ग्रीन एरिया का दीर्घकालिक प्लान बनाया जा रहा है, जो अभी प्रक्रियाधीन है।
पुराने प्लान कब खत्म हुए
- इंदौर: पिछला मास्टर प्लान 1 जनवरी 2008 से लागू हुआ और 31 मार्च 2021 को समाप्त हो गया।
- जबलपुर: मास्टर प्लान की अवधि 2008 से 2021 तक थी।
- ग्वालियर: पहले मास्टर प्लान 2005 और उसके बाद संशोधित मास्टर प्लान 2021 प्रभावी था, जिसकी अवधि 2021 में समाप्त हो गई।
