किसानों और आम नागरिकों को राहत की पहल, रजिस्ट्री कार्यालयों में लगेंगे “शुल्क संबंधी सूचना बोर्ड”
दमोह में कलेक्टर का पंजीयक कार्यालय में औचक निरीक्षण; अलग रजिस्टर में टोकन की प्रविष्टियाँ मिलीं, रजिस्टर जब्त
Damoh , कोमल अहिरवार (जिला ब्यूरो चीफ)। रजिस्ट्री प्रक्रिया में अनावश्यक शुल्क वसूली, भूमि हस्तांतरण में अनियमितताओं और शासन को राजस्व हानि पहुँचाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने पंजीयक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में एक अलग रजिस्टर में टोकन संबंधी प्रविष्टियाँ किए जाने का मामला सामने आया। कलेक्टर के निर्देश पर यह रजिस्टर जब्त करा लिया गया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

नाम के आगे ‘उर्फ’ लगाकर जमीन बिकवाने की आशंका
कलेक्टर यादव ने कहा कि आम लोगों से कई तरह की शिकायतें मिल रही थीं। इनमें भूमि स्वामी के नाम के आगे ‘उर्फ’ लगाकर या मिलते-जुलते नामों और दस्तावेजों का उपयोग कर दूसरे व्यक्ति की जमीन बिकवाने जैसी आशंकाएँ शामिल हैं। ऐसी अनियमितताओं से वास्तविक भूमि स्वामी के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों की जाँच और पंजीयन प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।
बिना अनुमति भूमि हस्तांतरण और मकान की जगह प्लॉट की रजिस्ट्री
कलेक्टर ने बताया कि नजूल भूमि और पट्टे की भूमि के हस्तांतरण में जरूरी अनुमति के बिना विक्रय किए जाने की शिकायतें भी सामने आई थीं। इसके अलावा कॉलोनियों में बने मकानों का पंजीयन मकान के बजाय केवल भूखंड के रूप में दर्शाए जाने की शिकायतें मिली थीं। इससे शासन को स्टाम्प ड्यूटी सहित अन्य राजस्व की हानि की आशंका रहती है।
