भरतपुर नगर निगम की पहली पार्षद बैठक में हंगामा, मीटिंग हॉल से बाबा साहब की तस्वीर गायब — दैनिक स्वराज वाणी
बसपा पार्षद मोती सिंह ने जताई नाराजगी, तस्वीर को सम्मानपूर्वक फिर से लगाने की मांग
संवाददाता : फूलचंद मालवीय
भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर नगर निगम की नवगठित कार्यकारिणी की पहली पार्षद बैठक में मीटिंग हॉल से संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर गायब मिलने पर विवाद की स्थिति बन गई। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पार्षद मोती सिंह ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और निगम प्रशासन से सवाल किया कि तस्वीर को किस आदेश या कारण से हटाया गया। उन्होंने बाबा साहब की तस्वीर को उसी स्थान पर सम्मानपूर्वक दोबारा लगाने की मांग की।
मोती सिंह लगातार तीसरी बार पार्षद चुने गए हैं। बैठक के दौरान तस्वीर नहीं दिखने पर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने मामला उठाया। उनका कहना था कि मीटिंग हॉल में पिछले करीब दस वर्षों से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ डॉ. अंबेडकर की तस्वीर भी लगी हुई थी। इस बार तस्वीर गायब देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
दस साल से लगी तस्वीर हटने पर उठाए सवाल
पार्षद मोती सिंह ने कहा कि नगर निगम का कामकाज संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत संचालित होता है। डॉ. अंबेडकर ने संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसे में नगर निगम के मीटिंग हॉल से उनकी तस्वीर का हटना गंभीर विषय है। उन्होंने सवाल किया कि तस्वीर को हटाने का निर्णय किसने लिया और क्या इसके लिए कोई प्रशासनिक आदेश जारी किया गया था।
मोती सिंह ने बैठक में कहा कि तस्वीर पिछले एक दशक से वहां लगी हुई थी और उसे अचानक हटाया जाना केवल सामान्य बदलाव नहीं माना जा सकता। उन्होंने प्रशासन से इस संबंध में जवाब देने की मांग की। उनका कहना था कि सार्वजनिक संस्थानों में संविधान निर्माता और देश के प्रमुख व्यक्तित्वों का सम्मान बनाए रखना जरूरी है।
तस्वीर दोबारा लगाने की मांग
बसपा पार्षद ने नगर निगम अधिकारियों से मांग की कि डॉ. अंबेडकर की तस्वीर को बिना देरी उसी स्थान पर स्थापित किया जाए, जहां वह पहले लगी हुई थी। उन्होंने कहा कि तस्वीर लगाने के दौरान उचित सम्मान और निर्धारित प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जाना चाहिए। बैठक में उन्होंने अधिकारियों से यह भी जानना चाहा कि तस्वीर हटाने के पीछे क्या कारण रहा।
मोती सिंह की आपत्ति के बाद बैठक में मौजूद पार्षदों और अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा हुई। तस्वीर को लेकर उठे सवाल ने नवगठित कार्यकारिणी की पहली बैठक में प्रशासनिक व्यवस्था और प्रतीकात्मक सम्मान को लेकर ध्यान खींचा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार बैठक में निगम प्रशासन की ओर से तस्वीर हटाए जाने के कारण पर कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया।
नगर निगम के बाहर भी चर्चा
बैठक में उठा यह मुद्दा अब नगर निगम परिसर से बाहर भी चर्चा का विषय बन गया है। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के बीच लोकतांत्रिक संस्थाओं में महात्मा गांधी और डॉ. अंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नेताओं के सम्मान को लेकर बातचीत हो रही है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक संस्थाओं के सभागारों में लगाए गए चित्र केवल सजावट का हिस्सा नहीं होते, बल्कि वे देश के इतिहास, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति सम्मान का प्रतीक भी हैं।
इस मामले में पार्षद मोती सिंह ने प्रशासन से जल्द स्थिति स्पष्ट करने और तस्वीर को फिर से लगाने की मांग की है। अब निगाहें नगर निगम प्रशासन के अगले कदम पर हैं। प्रशासन इस आपत्ति पर क्या जवाब देता है और तस्वीर को कब तक मीटिंग हॉल में दोबारा स्थापित किया जाता है, यह देखना बाकी है। फिलहाल पहली पार्षद बैठक में उठा यह मुद्दा भरतपुर नगर निगम की चर्चा के केंद्र में है।
