‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले CJP प्रमुख अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस का नोटिस — दैनिक स्वराज वाणी
कनॉट प्लेस में बिना अनुमति सभा पर रोक; बाद में दीपके हिरासत में लिए गए, पुलिस ने भीड़ को हटाया
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले दिल्ली पुलिस की टीम शुक्रवार को पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के पास पहुंची और उन्हें नोटिस दिया। मार्च कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में शाम 5 बजे होना था। पुलिस ने नोटिस में कहा कि इलाके में निषेधाज्ञा लागू है और सभा या मार्च के लिए अनुमति नहीं ली गई है। बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने दीपके को कनॉट प्लेस क्षेत्र में किसी प्रदर्शन, जुलूस या रैली में शामिल न होने का निर्देश दिया। नोटिस में इलाके के व्यावसायिक महत्व, वहां पैदल चलने वालों और वाहनों की आवाजाही तथा व्यापारियों और आम नागरिकों को संभावित असुविधा का हवाला दिया गया। पुलिस ने यह भी कहा कि कनॉट प्लेस प्रदर्शन के लिए अधिसूचित स्थल नहीं है और किसी अन्य निर्धारित स्थान पर कार्यक्रम के लिए नियमानुसार अनुमति ली जा सकती है।
CJP ने मार्च को बताया था तिरंगा यात्रा
CJP ने सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने और मार्च निकालने का आह्वान किया था। पार्टी की ओर से कार्यक्रम को ‘लहरा दो तिरंगा’ नाम दिया गया। दीपके ने पुलिस नोटिस मिलने के बाद कहा कि उनका उद्देश्य तिरंगा फहराना था। मीडिया से बातचीत में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश में तिरंगा लहराना भी अपराध है। CJP ने मार्च को शांतिपूर्ण कार्यक्रम बताया था।
पुलिस की ओर से जारी नोटिस में कहा गया कि कनॉट प्लेस में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। इसके तहत बिना अनुमति लोगों के एकत्र होने पर रोक है। नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई कि आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। दिल्ली पुलिस ने आयोजकों से कानून का पालन करने और व्यापारियों, यात्रियों तथा अन्य नागरिकों के अधिकारों और आवाजाही को प्रभावित न करने को कहा।
दो नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में बुलाया गया था मार्च
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, CJP ने अपने दो नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में यह मार्च बुलाया था। पार्टी पहले से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रही है। यह मांग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाई गई है। CJP और कुछ अन्य समूहों ने पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि निर्वाचन आयोग ने पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है।
जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित सूची से हटाए जाने के बाद CJP ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में कार्यक्रम की घोषणा की थी। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ छात्र संगठनों और आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में शामिल होने की बात कही थी। पुलिस ने आयोजन की अनुमति नहीं दी और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी
नोटिस के बाद दीपके हिरासत में, भीड़ को हटाया गया
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, नोटिस दिए जाने के करीब एक घंटे बाद दिल्ली पुलिस ने दीपके को हिरासत में लिया। अखबार ने यह भी बताया कि कनॉट प्लेस में जमा लोगों को हटाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। घटनाक्रम के दौरान दीपके ने पुलिस से पूछा कि उन्हें मार्च करने से क्यों रोका जा रहा है।
मार्च की घोषणा और पुलिस की रोक के बीच कनॉट प्लेस में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। पुलिस ने लोगों से बिना अनुमति सभा में शामिल न होने की अपील की थी। पुलिस नोटिस में सार्वजनिक आवाजाही, कारोबार और कानून-व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई गई, जबकि CJP ने अपने कार्यक्रम को तिरंगा फहराने का शांतिपूर्ण आयोजन बताया। दोनों पक्षों के दावों के बीच शुक्रवार को सेंट्रल पार्क के आसपास तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
