आस्था का महासंगम: 21 किलोमीटर की पदयात्रा कर माँ भैंसवा बिजासन को अर्पित की 101 मीटर लंबी चुनरी
हजारों श्रद्धालुओं के जयकारों से गूँजा सारंगपुर; ढोल-नगाड़ों और भव्य झांकियों ने बाँधा समां
सारंगपुर। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर शुक्रवार, 16 अक्टूबर को सारंगपुर में भक्ति, श्रद्धा और सनातन संस्कृति का अनुपम संगम दिखा। प्राचीन शीतला माता मंदिर और अम्बे माता मंदिर से माँ भैंसवा बिजासन धाम तक निकली भव्य चुनरी यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। करीब 21 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी कर भक्तों ने माँ के चरणों में 101 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
जयकारों से गूँजा पूरा मार्ग
सुबह से ही नगर में यात्रा को लेकर उत्साह था। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ी, श्रद्धालुओं का कारवाँ भी बढ़ता गया। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और भक्ति संगीत के बीच पूरा मार्ग माता के जयकारों से गूँज उठा। जगह-जगह पुष्पवर्षा से यात्रा का स्वागत हुआ। आमगढ़ा, डिगवाड़ और पाड़ल्या माता सहित कई गाँवों में ग्रामीणों और नगरवासियों ने श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया।
21 किलोमीटर की पदयात्रा, माँ के दरबार में पहुँचे भक्त
101 मीटर लंबी चुनरी लेकर चल रहे श्रद्धालुओं के कदमों में उत्साह और मन में माँ के प्रति अटूट विश्वास दिखा। मंदिर पहुँचकर विधि-विधान से चुनरी अर्पित की गई और सबके कल्याण की प्रार्थना हुई। दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की कतारें लगी रहीं और पूरा धाम भक्तिमय हो उठा।

राज्यमंत्री डॉ. गौतम टेटवाल आम श्रद्धालु की तरह हुए शामिल
यात्रा का एक विशेष दृश्य तब दिखा, जब मध्यप्रदेश शासन के कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के राज्यमंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने प्रोटोकॉल से अलग हटकर आम श्रद्धालु की तरह यात्रा में भाग लिया और अन्य भक्तों के साथ माँ के दर्शन किए। नगर पालिका अध्यक्ष पंकज पालीवाल सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।
मातृशक्ति और सामाजिक संगठनों की सहभागिता
यात्रा में महिलाओं और युवतियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। पारंपरिक परिधानों में सजी मातृशक्ति भक्ति गीत गाते और ढोल की थाप पर नृत्य करते हुए आगे बढ़ती रही। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोग शामिल हुए। जगह-जगह सजे स्वागत द्वारों और झांकियों ने यात्रा की शोभा बढ़ाई। हिन्दू उत्सव समिति, महादेव मित्र मंडल और बालवीर हनुमान सुंदरकांड समिति सहित कई संगठनों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

सुरक्षा और व्यवस्थाएँ
हजारों श्रद्धालुओं को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा संभाली। थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी और गोविंद मीणा तथा एसडीओपी महेश सुनैया के नेतृत्व में पुलिस बल मुस्तैद रहा। मंदिर परिसर में तहसीलदार और मंदिर ट्रस्ट समिति के सचिव सुनील वर्मा ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और व्यवस्थाएँ संभालीं।
हर साल होने वाली चुनरी यात्रा सारंगपुर और आसपास के ग्रामीण अंचल की धार्मिक परंपरा का अहम हिस्सा बन चुकी है। इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी ने संदेश दिया कि धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने, सांस्कृतिक विरासत सहेजने और सद्भाव मजबूत करने का माध्यम हैं।
