MP में TET पास किए बिना शिक्षकों को नहीं मिलेगा प्रमोशन, 32 हजार पदोन्नतियों पर असर की आशंका
भोपाल। मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के करीब 32 हजार शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से जुड़ गई है। विभाग और लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के अनुसार, पात्रता परीक्षा पास किए बिना पदोन्नति नहीं दी जाएगी। परीक्षा के लिए कुल करीब 36 हजार आवेदन आने की जानकारी है, लेकिन इनमें सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की संख्या लगभग 4 हजार बताई गई है। कम आवेदन के कारण पदोन्नति की प्रक्रिया दिसंबर के बाद तक टलने की आशंका है।
पदोन्नति के लिए TET उत्तीर्ण करना जरूरी
स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से शिक्षकों की पदोन्नति लंबित है। अब विभाग ने स्पष्ट किया है कि पात्रता परीक्षा में सफल होने वाले शिक्षकों को ही तय नियमों और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति के लिए विचार में लिया जाएगा। ऐसे में केवल सेवा अवधि या वरिष्ठता सूची में नाम होने से पदोन्नति सुनिश्चित नहीं होगी; TET पास करना भी जरूरी होगा।
प्रदेश में लगभग 32 हजार शिक्षकों की पदोन्नति प्रस्तावित है। वहीं परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले करीब 36 हजार अभ्यर्थियों में सरकारी स्कूलों के लगभग 4 हजार शिक्षक ही शामिल बताए गए हैं। कुल आवेदन और सरकारी शिक्षकों के आवेदन अलग-अलग आंकड़े हैं। सरकारी शिक्षकों की कम भागीदारी से पदोन्नति की तैयारी पर असर पड़ सकता है।
दिसंबर में संभावित परीक्षा, पदोन्नति में देरी के आसार
TET परीक्षा दिसंबर 2026 में संभावित बताई जा रही है। परीक्षा और परिणाम के बाद ही विभाग यह तय कर सकेगा कि कौन से शिक्षक पदोन्नति की शर्त पूरी करते हैं। इस वजह से दिसंबर तक सभी पदोन्नतियां हो पाना मुश्किल माना जा रहा है। पात्रता परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इससे उन शिक्षकों को इंतजार करना पड़ सकता है जो लंबे समय से पदोन्नति की उम्मीद कर रहे हैं। विभागीय प्रक्रिया में परीक्षा के परिणाम के साथ सेवा रिकॉर्ड और वरिष्ठता का सत्यापन भी शामिल है। इसलिए पदोन्नति की समय-सीमा परीक्षा और रिकॉर्ड जांच पूरी होने पर निर्भर करेगी।
6,500 शिक्षकों की वरिष्ठता सूची का सत्यापन
DPI ने लगभग 6,500 उच्च माध्यमिक शिक्षकों की वरिष्ठता सूची और सेवा संबंधी रिकॉर्ड की जांच के निर्देश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों से गोपनीय चरित्रावली, सेवा विवरण और विभागीय जांच से जुड़ी जानकारी निर्धारित प्रारूप में भेजने को कहा गया है। रिपोर्ट भेजने की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर 2026 बताई गई है।
जांच में 1 अप्रैल 2025 की स्थिति में जारी अंतिम वरिष्ठता सूची के आधार पर वर्ष 2018 से 2025 तक की गोपनीय रिपोर्टों का मिलान किया जाना है। जिन शिक्षकों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली है, जिनकी सेवाएं समाप्त हो चुकी हैं या जिनके वरिष्ठता क्रम में बदलाव जरूरी है, उनके मामलों की भी अलग से जांच होगी। इससे पदोन्नति सूची तैयार करने से पहले रिकॉर्ड की त्रुटियों को पहचानने में मदद मिलेगी।
शिक्षक संगठनों में नाराजगी
लंबे समय से पदोन्नति लंबित रहने के कारण शिक्षक संगठनों में असंतोष है। करीब 32 हजार पदोन्नतियों की प्रक्रिया TET की शर्त, परीक्षा परिणाम और सेवा रिकॉर्ड के सत्यापन से जुड़ने के बाद शिक्षकों की प्रतीक्षा और बढ़ सकती है। विभागीय स्तर पर पहले रिकॉर्ड की जांच पूरी कराने और फिर पात्रता परीक्षा में सफल शिक्षकों के मामलों पर विचार करने की तैयारी है।
शिक्षकों के लिए फिलहाल परीक्षा में शामिल होने और अपने सेवा दस्तावेज सही रखने पर ध्यान देना जरूरी है। पदोन्नति वरिष्ठता और विभागीय नियमों के अनुसार ही होगी। अंतिम सूची परीक्षा परिणाम तथा सत्यापित रिकॉर्ड के आधार पर तैयार की जाएगी।
