CG Noni Suraksha Yojana: पात्र बेटियों के नाम पांच साल तक जमा होंगे ₹25 हजार, शर्तें पूरी होने पर मिलेंगे कम से कम ₹1 लाख
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की नोनी सुरक्षा योजना का उद्देश्य बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना और उनके भविष्य के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। वर्ष 2014 में शुरू की गई इस योजना के तहत पात्र परिवारों की बालिकाओं के नाम भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के माध्यम से पांच साल तक हर वर्ष ₹5,000, कुल ₹25,000 निवेश किए जाते हैं। योजना की शर्तें पूरी करने पर बालिका को 18 वर्ष की आयु के बाद कम से कम ₹1 लाख की परिपक्वता राशि दी जाती है।
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
योजना के लिए बालिका का जन्म 1 अप्रैल 2014 या उसके बाद होना चाहिए। उसके माता-पिता छत्तीसगढ़ के स्थायी निवासी हों और परिवार गरीबी रेखा से नीचे (BPL) की श्रेणी में आता हो। परिवार के मुखिया का नाम संबंधित गरीबी रेखा सर्वे सूची में दर्ज होना चाहिए। योजना का लाभ सामान्यतः परिवार की पहली दो बेटियों तक सीमित है। दूसरी बेटी के मामले में माता या पिता को स्थायी परिवार नियोजन अपनाने से संबंधित प्रमाणपत्र देना होता है।
लाभ पाने के लिए बालिका का 18 वर्ष की उम्र तक अविवाहित रहना और 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी है। पात्रता और आवेदन पर अंतिम निर्णय संबंधित जिला कलेक्टर के पास रहता है। इसलिए आवेदन करने से पहले परिवार को अपने जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग से दस्तावेजों और पात्रता की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी?
योजना के अंतर्गत LIC के जरिए बालिका के नाम पांच वर्षों तक ₹5,000 प्रति वर्ष जमा किए जाते हैं। इस तरह कुल ₹25,000 का निवेश होता है। योजना में अतिरिक्त राशि का प्रावधान भी है, ताकि परिपक्वता के समय लाभार्थी को मिलने वाली रकम ₹1 लाख से कम न हो। यह सहायता सीधे बालिका के नाम पर खोले गए बैंक खाते में दी जाती है।
राशि पाने के लिए बालिका को 12वीं कक्षा की अंकसूची, 18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने का सत्यापित शपथपत्र और अपने बैंक खाते का विवरण देना होगा। यानी केवल उम्र पूरी होना पर्याप्त नहीं है; शिक्षा और वैवाहिक स्थिति से जुड़ी शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
आवेदन कहां और कैसे करें?
नोनी सुरक्षा योजना के लिए आवेदन ऑफलाइन स्वीकार किए जाते हैं। आवेदन फॉर्म लेकर उसमें मांगी गई जानकारी भरें और जरूरी दस्तावेजों की प्रतियां संलग्न करें। भरा हुआ फॉर्म गांव या क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्र, क्षेत्रीय पर्यवेक्षक, बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO), जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी या जिला कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय में जमा किया जा सकता है।
आवेदन जमा करते समय रसीद या पावती जरूर लें। आवेदन स्वीकृत होने पर संबंधित विभाग लाभार्थी की जानकारी LIC को भेजता है। योजना की जानकारी के अनुसार, पहली किस्त के समय लाभार्थी को पहचान संख्या के साथ बांड या प्रमाणपत्र दिया जाता है।
जरूरी दस्तावेज और आवेदन की समय-सीमा
आवेदन के साथ बालिका का जन्म प्रमाणपत्र, छत्तीसगढ़ निवास का प्रमाण, BPL सूची में नाम होने का प्रमाण और परिवार में पहली या दूसरी बेटी होने से संबंधित प्रमाण देना पड़ सकता है। दूसरी बेटी के लिए परिवार नियोजन प्रमाणपत्र भी मांगा जाता है। 18 वर्ष बाद राशि लेते समय 12वीं की अंकसूची, अविवाहित होने का सत्यापित शपथपत्र और बैंक खाते का विवरण जरूरी है।
आवेदन सामान्यतः बालिका के जन्म के एक वर्ष के भीतर जमा करना होता है। निर्धारित अवधि में आवेदन न हो पाने पर इसे जन्म के दो वर्ष के भीतर जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रावधान है। अनाथ बालिकाओं और माता-पिता के निधन के मामलों में अलग समय-सीमा लागू हो सकती है। आवेदन से पहले स्थानीय महिला एवं बाल विकास कार्यालय से वर्तमान नियम और फॉर्म की पुष्टि करें।
