नशे से दूरी, योग से शक्ति और आत्मरक्षा से आत्मविश्वास का संदेश
एसपी रघुवेंद्र सिंह भदौरिया बोले: नशा व्यक्ति ही नहीं, पूरे परिवार को बर्बाद करता है; युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील
Alirajpur । भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, राष्ट्रीय सेवा योजना के केंद्रीय निदेशालय और मध्य प्रदेश राज्य एनएसएस के निर्देशों के पालन में क्रांतिकारी शहीद छीतू सिंह किराड़ शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, आलीराजपुर में ‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान के अंतर्गत योग एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य तथा विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा के व्यावहारिक तरीके बताए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पुलिस अधीक्षक रघुवेंद्र सिंह भदौरिया, अध्यक्षता कर रहीं प्राचार्य मीना सोलंकी और प्रशिक्षक संजय पवार (ब्लैक बेल्ट एवं खेल अधिकारी, स्वामी विवेकानंद विद्यापीठ, आलीराजपुर) ने किया। स्वागत उद्बोधन डॉ. प्रदीप कनेश ने दिया।
नशे से दूर रहें युवा, लक्ष्य पर रखें ध्यान: एसपी
एसपी भदौरिया ने कहा कि युवाओं का मुख्य कार्य ज्ञान अर्जित करना, कौशल विकसित करना और अच्छी आजीविका चुनना है, इसलिए उन्हें नशे से दूर रहना चाहिए। नशा करने वाला केवल अपना जीवन बर्बाद नहीं करता, उसके दुष्परिणाम पूरे परिवार को भुगतने पड़ते हैं। नशा सामाजिक प्रतिष्ठा, आत्मविश्वास और भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से नशामुक्त रहकर लक्ष्य की ओर बढ़ने का आह्वान किया।

फिटनेस खरीदी नहीं जा सकती, पसीना बहाकर कमानी पड़ती है: संजय पवार
प्रशिक्षक संजय पवार ने योग, व्यायाम और संतुलित जीवनशैली का महत्व बताते हुए कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग धन कमाने के पीछे स्वास्थ्य की उपेक्षा कर देते हैं और बाद में योग-व्यायाम का सहारा लेना पड़ता है। नियमित योग से सक्रियता बढ़ाने, तनाव घटाने और मानसिक शांति पाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि फिटनेस खरीदी नहीं जा सकती, उसे रोज पसीना बहाकर कमाना पड़ता है। जैसे भोजन, पानी और नींद जरूरी हैं, वैसे ही रोज कम से कम एक घंटा शरीर और मन के लिए निकालना चाहिए। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक हैं।
योगाभ्यास के साथ सिखाए आत्मरक्षा के गुर
सत्र में विद्यार्थियों को सूक्ष्म व्यायाम और सूर्य नमस्कार कराया गया। कमर दर्द, गर्दन दर्द, मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं के संदर्भ में नियमित शारीरिक गतिविधि का महत्व बताया गया।
योगाभ्यास में भुजंगासन, सेतुबंधासन, त्रिकोणासन, अर्धचक्रासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन और शशांकासन सहित कई आसन कराए गए। साथ ही कपालभाति, अनुलोम-विलोम, शीतली प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास भी हुआ।
आत्मरक्षा प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को कोहनी और घुटने से प्रहार करने, पकड़ से हाथ छुड़ाने और खतरे में सुरक्षित निकलने की बुनियादी तकनीकें सिखाई गईं। संजय पवार ने कहा कि तकनीक के साथ आत्मविश्वास, साहस और नियमित अभ्यास भी जरूरी है।
60 विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने लिया प्रशिक्षण
कार्यक्रम में लगभग 60 छात्र-छात्राओं और प्राध्यापकों ने भाग लिया। कार्यक्रम प्रभारी भाव सिंह डावर और श्रीमती ममता कनेश रहीं। मंच संचालन प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह सस्तिया ने किया और आभार भाव सिंह डावर ने माना।
