माकड़ोन मंडी में लोकायुक्त का ट्रैप, ₹4 हजार की रिश्वत लेते उप निरीक्षक और आउटसोर्स कर्मचारी पकड़े
सोयाबीन की बोरियों के हिसाब से मांगे जा रहे थे ₹10; व्यापारी की शिकायत पर लोकायुक्त उज्जैन की कार्रवाई, रिश्वत की राशि बरामद
उज्जैन/माकड़ोन, प्रियंका गुजराती। उज्जैन जिले की माकड़ोन अनाज मंडी में रिश्वतखोरी की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मंडी उप निरीक्षक रोशन आर्य और आउटसोर्स कर्मचारी संतोष भाटी को ₹4,000 की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। दोनों के कब्जे से रिश्वत की राशि बरामद की गई। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
प्रत्येक बोरी पर मांगे जा रहे थे ₹10
लोकायुक्त पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम रूपाखेड़ी (उज्जैन) निवासी व्यापारी योगेश राठौर ने 14 अक्टूबर 2026 को लोकायुक्त उज्जैन के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दीक्षित से शिकायत की थी। उनका कहना था कि वे माकड़ोन मंडी से सोयाबीन खरीदते हैं। आरोप है कि उप निरीक्षक रोशन आर्य प्रति बोरी ₹10 की मांग कर रहे थे और पैसे न देने पर सोयाबीन से भरी गाड़ी न जाने देने की बात कही गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, मंडी का निर्धारित टैक्स चुकाने के बावजूद उनसे कथित रूप से अतिरिक्त राशि मांगी जा रही थी। शिकायत मिलने पर उप पुलिस अधीक्षक राजेश पाठक ने सत्यापन किया। शिकायत सही पाए जाने के बाद ट्रैप की योजना बनाई गई।

₹4 हजार लेते ही पकड़े गए दोनों आरोपी
16 अक्टूबर 2026 को लोकायुक्त उज्जैन की 10 सदस्यीय टीम माकड़ोन मंडी पहुँची। कार्रवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने ₹4,000 की राशि रोशन आर्य को दी, तो आरोप है कि उप निरीक्षक ने वह राशि अपने साथी आउटसोर्स कर्मचारी संतोष भाटी को पकड़ा दी। इसके तुरंत बाद टीम ने दोनों को मंडी परिसर में पकड़ लिया और राशि बरामद कर ली।
आरोपी रोशन आर्य पिता पूनमचंद आर्य, निवासी ग्वालियर, तथा संतोष भाटी पिता प्रहलाद भाटी, निवासी माकड़ोन बताए गए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
कार्रवाई लोकायुक्त संगठन के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन में, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दीक्षित के मार्गदर्शन में हुई। ट्रैप दल में डीएसपी राजेश पाठक, डीएसपी दीपक सेजवार, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत, आरक्षक शिवकुमार शर्मा, श्याम शर्मा, इसरार खान, उमेश जाटव सहित अन्य सदस्य और साक्षी शामिल रहे।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार वैधानिक कार्रवाई जारी है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।
