इंदौर के प्रधान आरक्षक फिरोज खान की संपत्तियों की जांच में नया जमीन सौदा सामने आया, किसानों ने लगाए गंभीर आरोप — दैनिक स्वराज वाणी
इंदौर। प्रधान आरक्षक फिरोज खान की संपत्तियों की लोकायुक्त जांच में देवास जिले के राजोदा की एक और जमीन का रिकॉर्ड सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष खरीदी गई इस जमीन का अनुबंध फिरोज की महिला मित्र रोशनी वर्मा के नाम पर है। अनुबंध में जमीन की कीमत 51 लाख रुपये दर्ज बताई गई है, जबकि जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक उसकी वास्तविक कीमत करोड़ों रुपये की है। जमीन के सौदे और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच लोकायुक्त पुलिस कर रही है।
22 बैंक खातों की जानकारी, लेनदेन पर रोक
लोकायुक्त के एसपी डॉ. राजेश सहाय के अनुसार, प्रधान आरक्षक फिरोज खान के इंदौर और देवास स्थित 15 से अधिक ठिकानों पर छापे के दौरान 30 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले थे। जांच में विभिन्न बैंकों में उसके 22 खातों की जानकारी सामने आई। इनमें से 17 खातों के स्टेटमेंट गुरुवार को निकलवाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, इन खातों के स्टेटमेंट में कुल 10 लाख रुपये जमा पाए गए हैं। बैंकों को खातों से राशि निकालने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
लोकायुक्त अब शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश की जानकारी भी जुटा रही है। इसके लिए संबंधित संस्थानों से पत्राचार किया गया है। जांच का उद्देश्य फिरोज की ज्ञात आय और सामने आई संपत्तियों व निवेश के बीच संबंध की पड़ताल करना है। फिलहाल, जांच पूरी होने से पहले किसी संपत्ति या लेनदेन को अवैध घोषित नहीं किया गया है।
किसानों ने जमीन विवाद में प्रभाव इस्तेमाल करने का आरोप लगाया
छापे की खबर सामने आने के बाद पुवाड़ादाई और राजोदा के कुछ किसान भी अपनी शिकायतें लेकर आगे आए हैं। शिकायतकर्ता गौरव चौधरी का आरोप है कि फिरोज खान ने उसके और उसके पिता महेश चौधरी के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद का फायदा उठाया। गौरव के अनुसार, पहले उसके पिता की ओर से सांवेर थाने में शिकायत कराई गई और बाद में जमीन को लेकर राजस्व न्यायालय में मामला पहुंचा।
गौरव का कहना है कि सांवेर एसडीएम ने उसके पक्ष में फैसला दिया था। इसके बाद फिरोज खान और रोशनी वर्मा की ओर से अपर कलेक्टर (राजस्व) के समक्ष अपील की गई। गौरव ने आरोप लगाया कि तत्कालीन अपर कलेक्टर ने उसे बुलाकर फटकार लगाई और उसके विरुद्ध फैसला सुनाया। बाद में उसने तत्कालीन आयुक्त दीपक सिंह के समक्ष अपील की, जहां से उसे स्थगन आदेश मिला। ये सभी बातें शिकायतकर्ता के आरोप और उसके बताए घटनाक्रम पर आधारित हैं; इनकी पुष्टि जांच और संबंधित दस्तावेजों से होनी बाकी है।
सीबीआई अधिकारी बताकर रौब जमाने का आरोप
गौरव चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि फिरोज खान कभी-कभी खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता था और बड़े अधिकारियों से निकटता का दावा करता था। शिकायतकर्ता के अनुसार, विवादित जमीनों से जुड़े मामलों में फिरोज अपने संपर्कों और प्रभाव का इस्तेमाल करता था। उसने रविकांत नाम के व्यक्ति की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं, जिसे वह फिरोज का करीबी बताता है।
गौरव का कहना है कि पैतृक जमीन से जुड़े मामले में उसने करीब दो महीने तक दस्तावेज और जानकारी जुटाई। उसके अनुसार, शुरुआत में लोग खुलकर सामने नहीं आ रहे थे, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने उसे मदद दी। इसके बाद उसने लोकायुक्त पुलिस को दस्तावेजों के साथ शिकायत दी। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब उपलब्ध रिपोर्ट में दर्ज नहीं है।
शादी के वीडियो की भी चर्चा
रिपोर्ट में फिरोज खान की बेटी की शादी से जुड़ा एक वीडियो सामने आने का भी उल्लेख है। बताया गया है कि शादी एक सितारा होटल में हुई थी और वीडियो में एक नेता के नाचने के दौरान फिरोज नोट उड़ाते दिखाई देता है। इस वीडियो को संपत्ति की जांच से जुड़े घटनाक्रम के बीच चर्चा में बताया गया है। हालांकि, केवल वीडियो के आधार पर संपत्ति या आय को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
जांच जारी, आरोपों की पुष्टि बाकी
राजोदा की जमीन, बैंक खातों और शेयर बाजार तथा म्यूचुअल फंड में निवेश की जानकारी अब लोकायुक्त जांच के दायरे में है। किसानों की ओर से लगाए गए जमीन विवाद और प्रभाव के इस्तेमाल संबंधी आरोपों की भी दस्तावेजों के आधार पर जांच जरूरी होगी। उपलब्ध जानकारी में किसी अदालत का अंतिम निष्कर्ष या आरोपों की पुष्टि दर्ज नहीं है। इसलिए फिरोज खान और अन्य संबंधित लोगों के विरुद्ध सामने आई बातों को जांचाधीन आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। जांच पूरी होने और आधिकारिक निष्कर्ष आने के बाद ही संपत्तियों तथा जमीन सौदों की स्थिति स्पष्ट होगी।
