ज्ञानसागर गरबा आराधना का भव्य आयोजन, माता रानी की भक्ति में लीन हुए श्रद्धालु
ज्ञानसागर हाई स्कूल की छात्राओं ने दी मनमोहक गरबा प्रस्तुतियां, पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे भक्त
संवाददाता: अर्जुन कुमावत, बछोड़िया
मावता। क्षेत्र में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उत्साह के बीच ज्ञानसागर गरबा आराधना का भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर पूरा क्षेत्र माता रानी की भक्ति में सराबोर नजर आया। कार्यक्रम के अंतर्गत शीतला माता मंदिर (नवेली), अंबा माता मंदिर (रानीगांव) और रोग्या देवी मंदिर (रियावन) परिसर में माता के भजनों तथा पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की थाप पर गरबा रास की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आयोजन में भाग लेकर धार्मिक उत्साह के साथ गरबा आराधना का आनंद लिया।
ज्ञानसागर हाई स्कूल की छात्राओं ने बांधा समां
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ज्ञानसागर हाई स्कूल, मावता की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत गरबा नृत्य रहा। पारंपरिक और आकर्षक वेशभूषा में सजी छात्राओं ने माता रानी के भजनों पर लयबद्ध एवं मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। उनके शानदार तालमेल, नृत्य कौशल और भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
छात्राओं की प्रस्तुतियों के दौरान मंदिर परिसर तालियों की गूंज और ‘जय माता दी’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालु माता रानी की आराधना में लीन नजर आए।

गरबा मंडल समितियों का स्वागत कर जताया आभार
इस अवसर पर ज्ञानसागर हाई स्कूल, मावता के प्रधानाध्यापक श्री विजय सोनी ने गरबा मंडल की विभिन्न समितियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कार्यक्रम में आमंत्रित करने के लिए आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया और छात्राओं की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की सराहना की।
प्रधानाध्यापक विजय सोनी ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन भारतीय संस्कृति और पारंपरिक विरासत को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को समझने और उनमें सक्रिय सहभागिता करने का अवसर मिलता है।
श्रद्धालुओं ने लिया धर्मलाभ
ज्ञानसागर गरबा आराधना के इस आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण, माताएं और बहनें शामिल हुईं। सभी ने माता रानी की आराधना कर धर्मलाभ प्राप्त किया। पारंपरिक गरबा, भक्ति संगीत और सामूहिक सहभागिता ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक सहभागिता की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
