शक्ति से सृजन अभियान के तहत इमलानी में हुआ जलस्रोत पूजन, महिलाओं ने लिया जल संरक्षण का संकल्प
सिरोंज। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद एवं योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन के तत्वावधान में चल रहे नवांकुर सखी प्रकृति-संस्कृति संरक्षण कार्यक्रम—शक्ति से सृजन के अंतर्गत ग्राम इमलानी में जलस्रोत पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 11 से 19 अक्टूबर 2026 तक चल रहे अभियान का हिस्सा है। आयोजन के दौरान महिलाओं और नवांकुर सखियों ने गांव के कुएं की पूजा-अर्चना की और जल संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का आयोजन नवांकुर संस्था प्याराखेड़ी और जय मां जन सेवा समिति द्वारा सेक्टर इमलानी, विकासखंड सिरोंज, जिला विदिशा में किया गया। इस पहल के माध्यम से पारंपरिक पूजन के साथ जलस्रोतों के महत्व और उनके संरक्षण का संदेश दिया गया।
पारंपरिक विधि से किया जलस्रोत पूजन
कार्यक्रम में महिलाओं और नवांकुर सखियों ने गांव के कुएं पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। पूजन के दौरान कुएं पर हल्दी-कुमकुम, फूल और जल अर्पित किया गया। इसके बाद उपस्थित महिलाओं ने जल को जीवन का आधार बताते हुए उसके संरक्षण की शपथ ली। उन्होंने जल के उपयोग में सावधानी रखने और गांव के जलस्रोतों के महत्व को समझने का संकल्प भी व्यक्त किया।
कुएं जैसे पारंपरिक जलस्रोत गांवों के जीवन और स्थानीय संस्कृति से जुड़े रहे हैं। कार्यक्रम में इन्हीं जलस्रोतों के प्रति सम्मान और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी को रेखांकित किया गया। पूजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जल केवल दैनिक जरूरतों का साधन नहीं, बल्कि जीवन और प्रकृति का आधार है। इसलिए उसका संरक्षण सामूहिक प्रयास से ही संभव है।
नारी शक्ति के माध्यम से प्रकृति और संस्कृति संरक्षण
नवांकुर संस्था प्याराखेड़ी और जय मां जन सेवा समिति के प्रभारी ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति के माध्यम से प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि प्राचीन जलस्रोतों की पूजा के जरिए लोगों तक जल बचाने का संदेश पहुंचाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में महिलाओं और नवांकुर सखियों की सहभागिता से जल संरक्षण की बात को गांव के स्तर पर साझा किया गया।
अभियान के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों का उद्देश्य प्रकृति और संस्कृति से जुड़े विषयों पर स्थानीय समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। इमलानी में हुआ जलस्रोत पूजन इसी क्रम की एक गतिविधि रही। इसमें पारंपरिक आस्था को जल संरक्षण के संकल्प से जोड़ा गया। आयोजन के दौरान ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि जलस्रोतों के प्रति जागरूकता और उनका संरक्षण भविष्य की जरूरत है।
ग्रामीणों ने भी निभाई सहभागिता
कार्यक्रम में प्रस्फुटन समिति इमलानी के अध्यक्ष बाबूसिंह राजपूत, सचिव नवल राठौर सहित गांव की महिलाएं और ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने पूजन में भाग लेकर जल संरक्षण के संदेश का समर्थन किया। महिलाओं और नवांकुर सखियों ने कुएं की पूजा कर अपने संकल्प को व्यक्त किया, जबकि ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
इमलानी में आयोजित यह कार्यक्रम शक्ति से सृजन अभियान के तहत प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में की गई पहल के रूप में सामने आया। जलस्रोत पूजन के माध्यम से गांव में जल के महत्व को याद किया गया और उसके संरक्षण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। अभियान की अवधि 19 अक्टूबर तक है। इसमें आयोजित गतिविधियों के जरिए महिलाओं और ग्रामीण समुदाय की भागीदारी से प्रकृति-संस्कृति संरक्षण के विचार को आगे बढ़ाया जा रहा है।
