अंधे कत्ल का पर्दाफाश: स्वयं फरियादी ही निकला हत्या का आरोपी
सोण्डवा पुलिस ने करीब दो साल पुराने अज्ञात हत्या के मामले का किया खुलासा
ब्यूरो रिपोर्ट: खलील मंसूरी
अलीराजपुर। थाना सोण्डवा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने ग्राम बयडिया में हुई हत्या के एक पुराने मामले का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक के साथ रहने वाला उसका चचेरा भाई ही हत्या का मुख्य आरोपी निकला। आरोप है कि उसने जमीन विवाद के चलते दो अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की और बाद में खुद फरियादी बनकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्योति उमठ बघेल और एसडीओपी शक्ति सिंह चौहान के मार्गदर्शन में की गई। मामले की जांच थाना प्रभारी निरीक्षक आशा बामनिया के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने की।
पहाड़ी पर मिला था शव
पुलिस के अनुसार, 1 फरवरी 2025 को थाना सोण्डवा क्षेत्र के ग्राम बयडिया के पटेल फलिया स्थित गोलाबयडी की पहाड़ी पर एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली थी। तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक गोपाल परमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक की पहचान दशरिया पिता रिछड़िया, उम्र 50 वर्ष, निवासी सेमली फलिया बयडिया के रूप में हुई। उसके गले, कान और हाथों पर धारदार हथियार से चोट के निशान पाए गए थे।
पुलिस के मुताबिक, मृतक के साथ रहने वाले उसके चचेरे भाई वालसिंह पिता तेलसिंह सोलंकी ने घटना की सूचना देते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने गांव की दो महिलाओं—जानकी और पेरली—तथा इकराम नामक व्यक्ति पर मारपीट और हत्या की आशंका जताई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर थाना सोण्डवा में अपराध क्रमांक 33/25, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से खुला मामला
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी जानकारी, भौतिक साक्ष्य और परिस्थितिजन्य कड़ियों का विश्लेषण किया। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को फरियादी वालसिंह पर संदेह हुआ। उसे पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान वह अपनी बताई कहानी में उलझ गया और हत्या से जुड़े तथ्यों का खुलासा हुआ।
पुलिस के अनुसार, मृतक दशरिया अविवाहित था और अकेला रहता था। पुरानी जमीन के विवाद के चलते वालसिंह ने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि उन्होंने धारदार हथियार से हमला कर दशरिया की हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस से बचने के लिए वालसिंह ने स्वयं फरियादी बनकर गांव के अन्य लोगों पर आरोप लगाया था।
पुलिस ने बताया कि प्रकरण में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय जेएमएफसी न्यायालय, अलीराजपुर के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस टीम की भूमिका
मामले का खुलासा करने वाली टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक आशा बामनिया के साथ तत्कालीन उपनिरीक्षक सचिन डावर, तत्कालीन उपनिरीक्षक योगेंद्र, उपनिरीक्षक दिनेश अवस्या, उपनिरीक्षक मांगीलाल वास्कले और सुकायला सोलंकी शामिल रहे। सहायक टीम में सहायक उपनिरीक्षक भेरूसिंह भिंडे, शांतिलाल उपाध्याय और धर्मेंद्र ने सहयोग किया।
प्रधान आरक्षक कैलाश, मदन, कालू, कला, पप्पू तथा आरक्षक संतोष, विक्रम, छोटू, रंजना, अनिल, विजय, जितेंद्र, प्रकाश और राकेश की भी भूमिका रही। सूचना संकलन में दिनेश मसानिया और साइबर सेल, अलीराजपुर की टीम ने सहयोग किया। पुलिस अधिकारियों ने पुराने और जटिल मामले की जांच में जुटी टीम के प्रयासों की सराहना की।
