नियमों का पालन करें, सुरक्षित रहें: स्काउट-गाइड को बताए सड़क सुरक्षा के मंत्र
एसडीओपी डॉ. शक्ति सिंह चौहान ने यातायात नियमों, दुर्घटनाओं से बचाव और घायलों की मदद करने के तरीके बताए
Alirajpur । सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस विभाग द्वारा स्काउट-गाइड विद्यार्थियों के लिए विशेष यातायात प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एसडीओपी डॉ. शक्ति सिंह चौहान ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन और दुर्घटना की स्थिति में घायलों की सहायता करने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाना और उनके माध्यम से सड़क सुरक्षा का संदेश घर-घर तक पहुंचाना था।
यातायात नियमों का पालन हर नागरिक की जिम्मेदारी
एसडीओपी डॉ. चौहान ने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर सड़क दुर्घटना का कारण बन सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि 18 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले मोटर वाहन नहीं चलाना चाहिए। पैदल चलते समय सड़क के दाहिनी ओर चलने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि इससे सामने से आने वाले वाहनों पर नजर रखने में मदद मिलती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं यातायात नियमों का पालन करने और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
हेलमेट और सीट बेल्ट से सुरक्षित रहेगा जीवन
कार्यक्रम में दोपहिया और चारपहिया वाहनों में सुरक्षा उपायों के महत्व को भी समझाया गया। डॉ. चौहान ने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय चालक के साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनना चाहिए। चारपहिया वाहन में यात्रा के दौरान सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य रूप से करना चाहिए।
उन्होंने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी। मोबाइल के कारण चालक का ध्यान सड़क से हट सकता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को इन सावधानियों का पालन करने और दूसरों को भी प्रेरित करने के लिए कहा।
दुर्घटना में घायलों की मदद करना जरूरी
एसडीओपी डॉ. चौहान ने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से घायल व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। दुर्घटना के समय घायलों की मदद करने वाले नेक मददगारों को निर्धारित नियमों और पात्रता के अनुसार प्रोत्साहन राशि या पुरस्कार मिलने का प्रावधान भी है।
इसके साथ ही उन्होंने सड़क दुर्घटना में घायल होने या मृत्यु होने की स्थिति में पीड़ितों अथवा उनके परिजनों को मिलने वाले मुआवजे और बीमा क्लेम से संबंधित जानकारी दी, ताकि जरूरत के समय लोग उपलब्ध सहायता और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रह सकें।

वाहन के जरूरी दस्तावेज रखना भी आवश्यक
डॉ. चौहान ने विद्यार्थियों को वैध ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) और वैध बीमा सहित आवश्यक दस्तावेजों के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षित वाहन संचालन के साथ नियमों और कानूनी प्रावधानों का पालन करना भी जरूरी है।
चार विद्यालयों के स्काउट-गाइड ने लिया प्रशिक्षण
कार्यक्रम में अलीराजपुर के चार विद्यालयों के स्काउट-गाइड दलों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय, बाहरपुरा; शासकीय माध्यमिक विद्यालय, प्रतापगंज; शासकीय नॉर्मल माध्यमिक विद्यालय और स्वामी विवेकानंद विद्यापीठ स्कूल, अलीराजपुर के विद्यार्थी शामिल रहे।
इस अवसर पर स्काउट-गाइड जिला सचिव बद्रीलाल भाटोदरा, सहसचिव श्रीमती जयश्री गहलोत, संजय पवार तथा यातायात पुलिस विभाग के कांस्टेबल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने, यातायात नियमों का पालन करने और दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने का संदेश दिया गया।
प्रमुख संदेश: “सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा—यातायात नियम अपनाएं, दुर्घटनाओं से बचें।”
