इंदौर में नर्मदा की पाइपलाइन फूटी, सड़क पर फव्वारे की तरह बहा पानी
डिमार्ट के पास पाइपलाइन फटने से सड़क पर हुआ जलभराव, अंडरपास बंद होने से यातायात प्रभावित; जल संकट की आशंकाओं के बीच व्यवस्था पर उठे सवाल
इंदौर। शहर में गुरुवार सुबह नर्मदा जलप्रदाय की पाइपलाइन फूटने से बड़ी मात्रा में पानी सड़क पर बहने लगा। बंगाली चौराहे से बायपास की ओर डिमार्ट के पास हुई इस घटना में पानी तेज धार के साथ फव्वारे की तरह ऊपर उठता दिखाई दिया। सड़क पर पानी फैलने से जलभराव की स्थिति बन गई और अंडरपास में पानी भरने के कारण उसे बंद करना पड़ा। घटना के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब इंदौर में कम बारिश के चलते आने वाले दिनों में जल संकट की आशंका जताई जा रही है। शहर में पानी की उपलब्धता और उसकी आपूर्ति को लेकर पहले से ही चिंता बनी हुई है। ऐसे में नर्मदा की पाइपलाइन से बड़ी मात्रा में पानी बहने की घटना ने जल प्रबंधन और पाइपलाइन की देखरेख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जल संकट की आशंका के बीच पानी की बर्बादी
शहर में कम वर्षा के कारण जलस्रोतों की स्थिति और आगामी दिनों में पेयजल आपूर्ति को लेकर चर्चा चल रही है। इसी बीच पाइपलाइन फूटने से पानी का सड़क पर बहना व्यवस्था की निगरानी और नियमित रखरखाव की जरूरत को उजागर करता है। यदि समय रहते ऐसी समस्याओं का पता नहीं लगाया जाता, तो इससे जल की बर्बादी के साथ-साथ आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जल प्रबंधन को लेकर बढ़ी चिंता
महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जल संबंधी जरूरतों के लिए 50 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। वहीं, जल संकट के मुद्दे पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में गुरुवार को दो बैठकें प्रस्तावित थीं। ऐसे समय में पाइपलाइन फूटने की घटना ने शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
नियमित जांच और रखरखाव की जरूरत
घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि शहर में जलप्रदाय की प्रमुख पाइपलाइनों की नियमित जांच और रखरखाव किस तरह किया जा रहा है। पाइपलाइन में खराबी का समय पर पता लगाना, तत्काल मरम्मत करना और पानी की बर्बादी रोकना जरूरी है। साथ ही, सड़क पर जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी स्थितियों से निपटने के लिए भी त्वरित व्यवस्था आवश्यक है।
फिलहाल, इस घटना ने इंदौर में जल प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं के रखरखाव को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। जल संकट की आशंकाओं के बीच शहरवासियों की अपेक्षा है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
