बॉलीवुड के बड़े सितारे भी बने डिजिटल स्कैम का शिकार, शोहरत भी नहीं बचा सकी ठगी से | दैनिक स्वराज वाणी
मुंबई। फिल्मों और वेब सीरीज में धोखाधड़ी की कहानियां अक्सर दर्शकों का ध्यान खींचती हैं। जामताड़ा: सबका नंबर आएगा में फोन के जरिए होने वाली ठगी दिखाई गई, तो स्कैम 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी और स्कैम 2003: द टेल्गी स्टोरी में बड़े वित्तीय घोटालों की कहानी सामने आई। लेकिन जब ऐसे मामले असल जिंदगी में फिल्म और टेलीविजन जगत के लोकप्रिय चेहरों के साथ होते हैं, तो वे मनोरंजन से आगे बढ़कर लोगों के लिए चेतावनी बन जाते हैं।
हाल के वर्षों में कई कलाकारों और सोशल मीडिया से जुड़े लोकप्रिय चेहरों ने डिजिटल धोखाधड़ी के अपने अनुभव साझा किए हैं। इन मामलों से पता चलता है कि ऑनलाइन ठगी किसी खास वर्ग तक सीमित नहीं है। एक अनजान कॉल, संदिग्ध लेनदेन या भरोसे का फायदा उठाकर जालसाज किसी को भी निशाना बना सकते हैं।
कीर्ति कुल्हारी के कार्ड से 2.43 लाख रुपये के लेनदेन का दावा
अभिनेत्री कीर्ति कुल्हारी ने अपने क्रेडिट कार्ड से हुए 2.43 लाख रुपये के कथित अनधिकृत अंतरराष्ट्रीय लेनदेन का मामला साझा किया था। हिंदुस्तान टाइम्स को अगस्त 2026 में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान उन्हें कार्ड से डॉलर में भुगतान होने का नोटिफिकेशन मिला।
कुल्हारी के अनुसार, मौजूदा डिजिटल दौर में लोगों की जिंदगी से जुड़ी कई तरह की जानकारी मोबाइल फोन पर मौजूद रहती है। ऐसे में किसी धोखाधड़ी को तुरंत पहचानना आसान नहीं होता। अनजान लेनदेन का संदेश मिलने पर घबराहट हो सकती है और व्यक्ति को समझने में समय लग सकता है कि उसके खाते या कार्ड से क्या हुआ है।
उनका अनुभव यह भी दिखाता है कि वित्तीय लेनदेन से जुड़े संदेशों पर ध्यान देना जरूरी है। कार्ड से हुआ कोई भुगतान पहचान में न आए, तो उसकी जांच जल्द करनी चाहिए और संबंधित बैंक या वित्तीय सेवा प्रदाता से संपर्क करना चाहिए।
अंकुश बहुगुणा ने बताया डिजिटल अरेस्ट स्कैम का अनुभव
कंटेंट क्रिएटर अंकुश बहुगुणा ने जनवरी 2025 में डिजिटल अरेस्ट स्कैम से जुड़े अपने अनुभव के बारे में बताया था। उनके मुताबिक, ठगों ने करीब 40 घंटे तक उन्हें मानसिक दबाव में रखा। इस दौरान उन्हें भय और तनाव का सामना करना पड़ा।
डिजिटल अरेस्ट स्कैम में ठग फोन या ऑनलाइन माध्यम से किसी व्यक्ति को डराकर, उस पर निगरानी या कानूनी कार्रवाई का दबाव बनाकर अपने निर्देश मानने के लिए मजबूर करने की कोशिश करते हैं। बहुगुणा के अनुभव ने इस तरह की धोखाधड़ी के मानसिक असर को सामने रखा। ऑनलाइन ठगी का नुकसान केवल पैसों तक सीमित नहीं रहता; लंबे समय तक डर और तनाव भी व्यक्ति और उसके परिवार को प्रभावित कर सकते हैं।
पूजा बनर्जी और कुणाल वर्मा ने गंवाई बचत
टेलीविजन कलाकार पूजा बनर्जी और कुणाल वर्मा ने भी एक वित्तीय धोखाधड़ी में अपनी बचत गंवाने की बात कही थी। पूजा ने उस दौर को याद करते हुए बताया था कि पिछले दो-तीन महीने उनके परिवार के लिए बेहद मुश्किल रहे। उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि आगे क्या होगा।
किसी परिवार की बचत पर असर पड़ने से रोजमर्रा की जरूरतों और भविष्य की योजनाओं को लेकर चिंता बढ़ सकती है। इस मामले ने यह दिखाया कि वित्तीय धोखाधड़ी का असर केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे परिवार पर पड़ सकता है।
फोन कॉल के बाद 85 हजार रुपये गंवाने का दावा
एक अन्य मामले में टेलीविजन अभिनेता राहुल सिंह तोमर ने कथित तौर पर एक अनजान व्यक्ति के फोन कॉल के बाद 85 हजार रुपये गंवाने की जानकारी दी थी। एबीपी लाइव के अनुसार, तोमर ने दावा किया था कि उन्होंने अपना ओटीपी या यूपीआई पिन साझा नहीं किया था।
यह मामला बताता है कि अनजान कॉल या संदेश को हल्के में लेना ठीक नहीं है। जालसाज अलग-अलग तरीकों से लोगों से जानकारी हासिल करने या उन्हें कोई कार्रवाई करने के लिए राजी करने की कोशिश कर सकते हैं। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंकिंग से जुड़ी जानकारी साझा करना या भुगतान करना जोखिम भरा हो सकता है।
पर्दे की कहानी से अलग होती है असल जिंदगी की ठगी
जामताड़ा, स्कैम 1992 और स्कैम 2003: द टेल्गी स्टोरी जैसी सीरीज ने धोखाधड़ी के अलग-अलग तरीकों को कहानी के रूप में दर्शकों तक पहुंचाया है। हालांकि, असल जिंदगी में ठगी किसी तय पटकथा के अनुसार नहीं होती। कभी फोन कॉल के जरिए, कभी अनजान ट्रांजैक्शन के माध्यम से और कभी भरोसे का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बनाया जाता है।
अक्टूबर को साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान सामने आए ऐसे अनुभव डिजिटल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत याद दिलाते हैं। मशहूर हस्तियों के साथ हुई घटनाएं बताती हैं कि पहचान, शोहरत या लोकप्रियता किसी को भी ऑनलाइन ठगी से पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाती। डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करते समय सावधानी और किसी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत ध्यान देना जरूरी है।
