MP Weather Update: ग्वालियर-चंबल में बारिश के आसार, इंदौर में रात का तापमान 17 डिग्री
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से 18 अक्टूबर तक प्रदेश के उत्तरी-पूर्वी हिस्सों में तेज हवाएं चलने की संभावना, सागर 37 डिग्री के साथ सबसे गर्म
भोपाल। MP Weather का मिजाज बदलने के संकेत मिल रहे हैं। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 15 अक्टूबर से इन क्षेत्रों में लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यह स्थिति 18 अक्टूबर तक प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में बनी रहने का अनुमान है।
प्रदेश में दिन और रात के तापमान में अंतर बना हुआ है। जहां रात के समय कुछ शहरों में ठंडक महसूस होने लगी है, वहीं दिन में कई स्थानों पर तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया।
इंदौर में सबसे कम न्यूनतम तापमान
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इंदौर में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सूचीबद्ध शहरों में सबसे कम रहा। कटनी जिले के करौंदी में न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री, पचमढ़ी में 18 डिग्री और मंदसौर में 18.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
इसके अलावा अमरकंटक और छिंदवाड़ा में न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इन आंकड़ों से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में रात के तापमान में अंतर स्पष्ट दिखाई देता है।
सागर में 37 डिग्री पहुंचा पारा
दिन के तापमान की बात करें तो सागर प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खरगोन में 36.8 डिग्री, मंदसौर और खंडवा में 36.5 डिग्री तथा आगर में 36.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।
रतलाम और उज्जैन में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में गर्मी और रात में अपेक्षाकृत कम तापमान के कारण मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू के आसपास वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय है। इसके अलावा हरियाणा, दक्षिणी राजस्थान और उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के क्षेत्रों में ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय बने हुए हैं।
इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से ग्वालियर-चंबल सहित प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में मौसम बदल सकता है। हालांकि, उपलब्ध मौसम बुलेटिन के अनुसार पूरे मध्यप्रदेश में व्यापक बारिश का स्पष्ट पूर्वानुमान नहीं दिया गया है।
दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक, 15 अक्टूबर से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में पूर्वोत्तर मानसून की बारिश शुरू होने की संभावना है। इसका प्रभाव मुख्य रूप से दक्षिण भारत के क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।
फिलहाल मध्यप्रदेश में मौसम की स्थिति अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न बनी हुई है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में संभावित बारिश और तेज हवाओं के बीच अन्य शहरों में दिन का तापमान अपेक्षाकृत ऊंचा बना हुआ है। मौसम से जुड़े ताजा अपडेट और स्थानीय पूर्वानुमान के लिए मौसम विभाग के आधिकारिक बुलेटिन पर नजर रखना जरूरी है।
