जनगणना 2027 में अपनी जैन पहचान अवश्य दर्ज कराएँ : मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के मंगल संदेश पर राजेश जैन दद्दू की समस्त जैन समाज से अपील
राजेश जैन दद्दू
*इंदौर, तीर्थ चक्रवर्ती जगतपूज्य निर्यापक श्रमण श्री 108 सुधासागर जी महाराज भारत वर्षीय समस्त जैन समाज के नाम मंगल संदेश । आगामी जनगणना 2027 में अपनी जैन पहचान अवश्य दर्ज कराएँ।*
महाराजश्री के मंगल संदेश का पालन करते हुए दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी *श्री राजेश जैन दद्दू* ने भारत वर्षीय सकल जैन समाज बंधुओं से विनम्र अपील की है। कि जनगणना 2027 के समय अपनी धार्मिक एवं सामाजिक पहचान को सही रूप में दर्ज कराने के प्रति हम सभी सकल जैन समाज को जागरूक रहना है। यह हमारी पहचान, हमारे अस्तित्व और हमारी प्राचीन संस्कृति के संरक्षण का प्रश्न है।
जनगणना प्रपत्र में इस प्रकार दर्ज करें –
*1. धर्म के खाने में :* स्पष्ट रूप से *जैन (Jain)* लिखें।
*2. जाति / उपजाति के खाने में :* अपनी वास्तविक उपजाति लिखें, जैसे – खंडेलवाल, जैसवाल, परवार, गोधा, बड़जात्या, पाटोदी आदि।
*3. भाषा के खाने में :* अपनी मातृभाषा के साथ *प्राकृत भाषा* का उल्लेख भी करें, यदि जनगणना के आधिकारिक प्रपत्र एवं निर्देशों के अनुसार जेसा विकल्प उपलब्ध हो।
दद्दू ने कहा कि *हमारी पहचान – हमारा जैन धर्म, हमारी परंपरा और हमारी प्राचीन संस्कृति है।* आइए, हम सभी जागरूक बनें और अपनी धार्मिक पहचान एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए जिम्मेदारी निभाएँ। राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के राकेश गोहिल मंयक जैन एवं वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र ने
समस्त जैन मंदिर कमेटियों, समाज के अध्यक्षों, महिला मंडलों, महिला परिषद्,युवा मंडलों सोशल ग्रुप फेडरेशन,रिजन ग्रुप और पाठशाला परिवारों से आह्वान किया है कि इस संदेश को घर-घर तक पहुँचाएँ।
*जैन धर्म की जय! जय जिनेंद्र!*
*विनीत -*
*राजेश जैन दद्दू*
*प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी, दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद, इंदौर*
*संभागीय प्रचार प्रमुख, जैन समाज*
