इंदौर पर मंडराया जल संकट, कैलाश विजयवर्गीय ने लोगों से पानी बचाने का चार्ट बनाने की अपील की
इंदौर। कम बारिश के चलते आगामी गर्मी में पेयजल संकट की आशंका बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए नगर निगम के साथ जनप्रतिनिधियों ने भी जल संरक्षण के लिए लोगों से सहयोग की अपील शुरू की है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर नागरिकों से पानी का सदुपयोग करने और परिवार के साथ पानी बचाने का चार्ट बनाने को कहा।
विजयवर्गीय ने संदेश में लोगों से घरों में पानी की खपत पर ध्यान देने, अनावश्यक उपयोग रोकने और परिवार के सभी सदस्यों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित करने की अपील की। उनका कहना है कि हर परिवार अपने स्तर पर पानी बचाने की आदत अपनाए, तो उपलब्ध जल का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से रोजमर्रा के कामों में पानी की बर्बादी रोकने और इसके लिए घर में योजना बनाने का आग्रह किया।
कम बारिश से जलस्रोतों पर असर
इस साल सामान्य से कम बारिश होने के कारण इंदौर के जलस्रोतों में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता जताई जा रही है। यशवंत सागर और बिलावली जैसे प्रमुख जलस्रोत पूरी क्षमता तक नहीं भर पाए हैं। ऐसे में गर्मी के मौसम में शहर की बढ़ती मांग को पूरा करना नगर निगम के लिए चुनौती बन सकता है। स्थानीय निकाय और प्रशासन के सामने उपलब्ध पानी का प्रबंधन करने के साथ नागरिकों तक नियमित पेयजल पहुंचाने की जिम्मेदारी रहेगी।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी पेयजल व्यवस्था मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री से 50 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की है। कम बारिश के कारण आगामी महीनों में पानी की जरूरत और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने को लेकर नगर निगम तैयारी में जुटा है।
जल संरक्षण के लिए नागरिकों से सहयोग की अपील
नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की ओर से नागरिकों से पानी का इस्तेमाल सोच-समझकर करने की अपील की जा रही है। घरों में नल खुला न छोड़ना, पानी की टंकियों से ओवरफ्लो रोकना और घरेलू उपयोग में जरूरत के मुताबिक ही पानी लेना जैसे उपाय जल की बचत में मदद कर सकते हैं। लोगों से यह भी कहा जा रहा है कि वे परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर तय करें कि रोजमर्रा के किन कामों में पानी की खपत घटाई जा सकती है।
विजयवर्गीय ने परिवार के साथ पानी बचाने का चार्ट बनाने की बात कहकर जल संरक्षण को घर-घर की जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास किया। ऐसे चार्ट में परिवार अपनी रोज की जरूरतों और पानी बचाने के उपायों को दर्ज कर सकता है। बच्चों को भी पानी का महत्व समझाने और उपयोग के बाद नल बंद रखने जैसी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
पहले से शुरू हुई तैयारी
जल संकट की आशंका के बीच शहर में पेयजल आपूर्ति की तैयारियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इंदौर में करीब 300 टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। जलस्रोतों में उपलब्ध पानी को सुरक्षित रखने और भविष्य की जरूरत के अनुसार आपूर्ति की योजना बनाने की चुनौती भी बनी हुई है।
नागरिकों का सहयोग ऐसी तैयारियों को सफल बनाने में अहम हो सकता है। पानी की बचत केवल गर्मी के दिनों तक सीमित रखने के बजाय नियमित आदत बनाने की जरूरत है। घरों, दुकानों और संस्थानों में पानी की बर्बादी रोकने से उपलब्ध संसाधनों पर दबाव घट सकता है।
इंदौर में आगामी गर्मी के दौरान जलापूर्ति कैसी रहेगी, यह जलस्रोतों में उपलब्ध पानी और नगर निगम की व्यवस्थाओं पर निर्भर करेगा। फिलहाल कम बारिश ने पहले से तैयारी की जरूरत बढ़ा दी है। ऐसे में मंत्री की अपील का जोर यही है कि संकट गहराने से पहले नागरिक अपने घरों से ही पानी बचाने की शुरुआत करें और हर बूंद का जिम्मेदारी से उपयोग करें।
