Bhinmal में ‘नारी वंदन महायज्ञ’: गुरुजनों ने 230 बेटियों के पखारे चरण, भावुक हुए अतिथि
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पखवाड़े के तहत अनूठा आयोजन, बेटियों के सम्मान, संस्कार और सशक्तीकरण का दिया संदेश
Bhinmal (मुकेश सोलंकी)। राजस्थान के भीनमाल में बेटियों के सम्मान और उनके महत्व को रेखांकित करने के लिए ‘नारी वंदन महायज्ञ’ का आयोजन किया गया। स्थानीय अनकी बाई घमंडीराम गोवानी श्री कवि माघ बाल मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में 230 बालिकाओं का गुरुजनों ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजन कर सम्मान किया। शिक्षकों द्वारा बालिकाओं के चरण पखारने और उन्हें चुनरी ओढ़ाने का दृश्य देखकर उपस्थित अतिथि और अभिभावक भावुक हो उठे।
रमेश चंदन ट्रस्ट के मार्गदर्शन एवं दिव्य सान्निध्य में आयोजित यह कार्यक्रम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पखवाड़े के अवसर पर संपन्न हुआ। राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड स्थानीय संघ भीनमाल, मीना-राजू मंच तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय वडलीनाडी नवापुरा चौपावतान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में बेटियों के सम्मान, सामाजिक समानता और संस्कारों पर जोर दिया गया।
230 बालिकाओं का पारंपरिक पूजन कर किया सम्मान
समारोह के दौरान विद्यालय की 230 बालिकाओं के चरण पखारे गए। इसके बाद कुंकुम, चंदन और अक्षत से पाद पूजन किया गया तथा बालिकाओं को चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति आदर, सम्मान और सकारात्मक दृष्टिकोण को मजबूत करना रहा।
आयोजकों ने कहा कि बेटियां परिवार और समाज की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। उनके सम्मान, शिक्षा और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बालिकाओं को समान अवसर और सम्मान देकर ही एक सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
सह-शैक्षिक गतिविधियों का प्रेरक उदाहरण
कार्यक्रम सवाई सिंह राठौड़, सीओ स्काउट जालोर, निंबाराम चौधरी, सहायक कमिश्नर तथा प्रेमाराम बंजारा, संरक्षक भारत स्काउट गाइड भीनमाल के नेतृत्व, प्रेरणा और मार्गदर्शन में आयोजित गतिविधियों की कड़ी का महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया।
विद्यालय के प्रबंध निदेशक ललित कुमार शर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह परिसर संस्कारों की प्रयोगशाला है, जहां बालिकाओं को सम्मान और अच्छे संस्कार देने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम का संचालन करने वाले डॉ. घनश्याम कुमार व्यास ने कहा कि गुरुजनों का बालिकाओं के चरणों में झुकना विनम्रता, सम्मान और संस्कारों का प्रतीक है। उन्होंने इसे अहंकार त्यागकर मानवीय मूल्यों को अपनाने का संदेश देने वाला आयोजन बताया।

सेवा और संस्कार पर दिया जोर
भारत स्काउट गाइड भीनमाल के अध्यक्ष दिनेश कुमार दवे नवीन ने कहा कि सेवा और संस्कार संगठन के मूल मंत्र हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को विद्यालयों में अपनाने योग्य पहल बताया।
जिला जनसंपर्क प्रभारी माणकमल भंडारी ने कहा कि बेटियों का सम्मान समाज के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, समाज को बेटियों की गरिमा और अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाना आवश्यक है।
नगर पालिका अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनोज गुप्ता ने आयोजन को भावनात्मक अनुभव बताते हुए कहा कि बेटियों का सम्मान केवल एक दिन या कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने नगर की बेटियों के हित में सहयोग और जिम्मेदारी निभाने की भावना व्यक्त की।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गजेंद्र कुमार देवासी ने कहा कि शिक्षक का व्यवहार विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश जाम्भाणी ने बालिकाओं के आत्मविश्वास, स्वास्थ्य और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला।
बड़ी संख्या में अतिथि और अभिभावक रहे उपस्थित
समारोह में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रवि खन्ना, देवेंद्र भंडारी, ओमप्रकाश पुरोहित, मनीष दवे, महेंद्र जीनगर, किशोर सांखला, प्रधानाचार्य गीता के. राजन, राजन पी. चिदंबरम नम्बियार, राव हकसिंह ईराणी, प्रवीण एम. दवे, महेंद्र माली, डॉ. अक्षय बोहरा और जगदीश जाट सहित शिक्षकगण, विद्यार्थी, भामाशाह एवं बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे।
‘नारी वंदन महायज्ञ’ के माध्यम से आयोजकों ने संदेश दिया कि बेटियों का सम्मान, उनकी शिक्षा और उनका सशक्तीकरण समाज की साझा जिम्मेदारी है। इस तरह के आयोजन बच्चों में आत्मसम्मान, आपसी आदर और सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
