Sarangpur में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने दिए आवश्यक निर्देश
पशुधन संरक्षण और पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की पहल
Sarangpur । मध्य प्रदेश शासन के कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने सारंगपुर स्थित सेवा सदन कार्यालय में विधानसभा क्षेत्र के पशु चिकित्सकों और विभागीय कर्मचारियों के साथ बैठक कर पशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। बैठक में पशुधन के संरक्षण एवं संवर्धन, पशुपालकों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
समय पर उपचार और टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को पशुओं के उपचार, टीकाकरण और अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसके लिए विभागीय अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य किया जाए।
मंत्री ने पशु चिकित्सकों और कर्मचारियों से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन संवेदनशीलता, तत्परता और समर्पण के साथ करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पशुपालकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला
डॉ. टेटवाल ने कहा कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पशुओं का बेहतर स्वास्थ्य न केवल उनकी उत्पादकता बढ़ाने में सहायक है, बल्कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय और आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलती है। ऐसे में पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पशुधन के संरक्षण और संवर्धन के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाए तथा पशुपालकों को विभागीय योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं।
पशु चिकित्सकों ने रखे सुझाव
बैठक में उपस्थित पशु चिकित्सकों ने क्षेत्र में पशु स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी आवश्यकताओं और समस्याओं के संबंध में अपने सुझाव प्रस्तुत किए। मंत्री डॉ. टेटवाल ने इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्वस्थ पशुधन, समृद्ध पशुपालक और सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है। इसके लिए पशुपालन से जुड़े विभागों को सक्रियता के साथ कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी।
