83 वर्ष की उम्र में भी 38 साल के युवाओं को प्रेरित करते हैं भरत शाह: हार्दिक हुंडिया
डायमंड, बिल्डर और फिल्म उद्योग में भरत शाह का खास मुकाम, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से हुई मुलाकात
मुंबई। देश के जाने-माने उद्योगपति भरत शाह ने अपने व्यक्तित्व, अनुभव और कार्यशैली से विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान बनाई है। डायमंड, बिल्डर और फिल्म उद्योग में उनके योगदान और प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए स्टार रिपोर्ट के प्रधान संपादक हार्दिक हुंडिया ने कहा कि 83 वर्ष की उम्र में भी भरत शाह का उत्साह और कार्य करने का जज्बा 38 वर्ष के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
हार्दिक हुंडिया के अनुसार, देश में भरत शाह का परिचय देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की नजरें हीरा बाजार पर रहती हैं, जबकि हीरा बाजार की नजरें भरत शाह पर टिकी रहती हैं। यह उनकी वर्षों की मेहनत, अनुभव और व्यावसायिक प्रतिष्ठा को दर्शाता है।
केंद्रीय मंत्री से हुई विभिन्न उद्योगों पर चर्चा
हाल ही में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित होटल ट्राइडेंट में मुलाकात तय हुई। मंत्री का कार्यक्रम काफी व्यस्त होने के बावजूद भरत शाह का नाम सुनकर उन्होंने उनसे मिलने की सहमति दी। निर्धारित समय दोपहर दो बजे भरत शाह होटल पहुंचे।

इस अवसर पर दिल्ली से आए प्रतीक सोलंकी, चिरंजीत सोनोवाल, दक्षिण भारतीय फिल्म निर्माता अब्दुल कादर और श्रेयांश मालीवाल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। भरत शाह और केंद्रीय मंत्री के बीच काफी देर तक चर्चा हुई। बातचीत में डायमंड उद्योग, लैब ग्रोन डायमंड, फिल्म जगत और भवन निर्माण उद्योग से जुड़े विषय शामिल रहे। मुलाकात के दौरान मंत्री सोनोवाल भी भरत शाह के अनुभवों और व्यक्तित्व से प्रभावित नजर आए। भरत शाह ने उन्हें अपने घर पर दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित भी किया।
हार्दिक हुंडिया ने भेंट की पत्रिकाएं
इस अवसर पर स्टार रिपोर्ट के प्रधान संपादक हार्दिक हुंडिया भी मौजूद रहे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मीडिया जगत से जुड़े विषयों पर चर्चा की और उन्हें मोदी राज, हार्दिक, स्टार रिपोर्ट तथा इंटरनेशनल डायमंड डे मैगजीन भेंट कीं।
यह मुलाकात उद्योग, मीडिया और सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तित्वों के बीच संवाद का अवसर बनी। भरत शाह की सक्रियता और अनुभव इस बात का उदाहरण हैं कि उम्र बढ़ने के बावजूद सीखने, काम करने और दूसरों को प्रेरित करने का जज्बा कायम रखा जा सकता है।
