इंदौर में होलकर कॉलेज के छात्रों की भूख हड़ताल का दूसरा दिन, दो की तबीयत बिगड़ी — दैनिक स्वराज वाणी
इंदौर। अपनी मांगों को लेकर श्री राजपूत करणी सेना छात्र संगठन के पदाधिकारी और विद्यार्थी होलकर साइंस कॉलेज परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सोमवार से शुरू हुई हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इसी दौरान प्रदर्शन में शामिल एक छात्र की तबीयत बिगड़ गई और एक छात्रा बेहोश हो गई। संगठन ने कहा है कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, तबीयत बिगड़ने पर छात्र को उल्टियां हुईं, जबकि छात्रा चक्कर आने से बेहोश हो गई। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रबंधन से अपने मुद्दों पर जवाब मांगा है। भूख हड़ताल का कारण गणेश विसर्जन के दौरान हुए विवाद के बाद विद्यार्थियों पर की गई कार्रवाई और कॉलेज से जुड़ी अन्य शिकायतें बताई गई हैं।
गणेश विसर्जन विवाद के बाद कार्रवाई का मामला
छात्र संगठन के होलकर कॉलेज उपाध्यक्ष और विद्यार्थी हर्ष तिवारी के मुताबिक, 25 सितंबर को गणेश विसर्जन के दौरान कॉलेज में दो गुटों के बीच विवाद हुआ था। उनका आरोप है कि इस मामले में कॉलेज प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए उन्हें और उनके सात साथियों को ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) दे दी और पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई। विद्यार्थियों का कहना है कि इस कार्रवाई से उनके शैक्षणिक भविष्य पर असर पड़ सकता है। ये आरोप छात्र पक्ष की ओर से लगाए गए हैं।
हर्ष तिवारी ने सस्पेंशन लेटर की तारीख पर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि विवाद 25 सितंबर को हुआ, जबकि कॉलेज की वेबसाइट पर अपलोड किए गए पत्र पर 24 सितंबर की तारीख दर्ज है। छात्रों ने पत्र पर मौजूद सील और हस्ताक्षर का हवाला देते हुए इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। इस दावे पर कॉलेज प्रशासन का पक्ष उपलब्ध रिपोर्ट में शामिल नहीं है।
संगठन की चार प्रमुख मांगें
छात्र संगठन ने आंदोलन के लिए चार मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि गणेश विसर्जन विवाद में निलंबित विद्यार्थियों का निलंबन वापस लिया जाए। दूसरी मांग होलकर कॉलेज की करणी सेना छात्र इकाई के अध्यक्ष विकेंद्र सिंह की टीसी रद्द करने की है।
तीसरी मांग इंटर्नशिप प्रकरण और फीस संबंधी शिकायतों पर हुई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की है। संगठन का कहना है कि इन मामलों में पारदर्शिता रखी जाए और विद्यार्थियों की शिकायतों का समाधान किया जाए। चौथी मांग कॉलेज का पिछला गेट विद्यार्थियों के आवागमन के लिए खोलने की है। छात्रों के मुताबिक, गेट बंद होने के कारण उन्हें आने-जाने में अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात
छात्र संगठन के पदाधिकारियों ने कहा है कि जब तक चारों मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, भूख हड़ताल जारी रहेगी। संगठन ने इसे विद्यार्थियों से जुड़े मामलों और उनकी सुविधाओं का मुद्दा बताया है। प्रदर्शनकारी कॉलेज प्रबंधन से निलंबन और टीसी संबंधी कार्रवाई की समीक्षा करने, इंटर्नशिप व फीस की शिकायतों पर स्थिति स्पष्ट करने तथा पिछले गेट के संबंध में निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।
भूख हड़ताल के दूसरे दिन दो प्रदर्शनकारियों की तबीयत बिगड़ने के बाद परिसर में स्थिति को लेकर चिंता बढ़ी। फिलहाल विद्यार्थियों का आंदोलन जारी है। मामले में आगे की स्थिति कॉलेज प्रबंधन की प्रतिक्रिया और मांगों पर लिए जाने वाले निर्णय पर निर्भर करेगी। विद्यार्थियों की ओर से उठाए गए आरोपों और शिकायतों पर संबंधित पक्षों का जवाब सामने आने के बाद पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
