—Advertisement—

तेल सस्ता, लेकिन भारत तक पहुंचाना महंगा; टैंकर किराए और रिफाइनरी क्षमता ने घटाया फायदा — दैनिक स्वराज वाणी

Author Picture
Published On: 14 October 2026
ddddddddddd 1

—Advertisement—

तेल सस्ता, लेकिन भारत तक पहुंचाना महंगा; टैंकर किराए और रिफाइनरी क्षमता ने घटाया फायदा — दैनिक स्वराज वाणी

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। इस बीच उत्तर और दक्षिण अमेरिका में भारी मात्रा में कच्चा तेल उपलब्ध है, लेकिन उसे एशिया तक पहुंचाने की लागत तेजी से बढ़ गई है। ऐसे में भारत को अमेरिका से अपेक्षाकृत सस्ता तेल खरीदने का अवसर तो दिख रहा है, पर महंगे टैंकर किराए और रिफाइनरियों की सीमित क्षमता इस संभावित फायदे को कम कर सकती है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और दक्षिण अमेरिका में भारी कच्चे तेल का भंडार बढ़ रहा है। एशिया और यूरोप के खरीदारों को आपूर्ति की जरूरत है, लेकिन समुद्री ढुलाई की लागत इतनी बढ़ गई है कि सस्ते तेल का लाभ रास्ते में ही घट रहा है। जहाजों की उपलब्धता पर दबाव और लंबी समुद्री यात्राओं ने तेल कारोबार की लागत बढ़ा दी है।

टैंकर किराए ने बढ़ाई ढुलाई की लागत

अमेरिका के गल्फ कोस्ट से एशिया तक कच्चा तेल ले जाने के लिए टैंकर किराए में तेज उछाल आया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि करीब 20 लाख बैरल तेल ले जाने वाले बहुत बड़े टैंकर का किराया एक यात्रा के लिए 8 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया। इतनी ऊंची ढुलाई लागत से अमेरिका से एशिया तक तेल भेजने का आर्थिक गणित मुश्किल हो रहा है।

जहाजों की कमी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। मध्य पूर्व में समुद्री मार्गों से जुड़ी बाधाओं के कारण तेल को जहाज से जहाज में स्थानांतरित करने की जरूरत पड़ रही है। इस प्रक्रिया में टैंकरों का समय अधिक लगता है और उनकी उपलब्धता घटती है। दूसरी ओर, अटलांटिक क्षेत्र से एशिया की ओर तेल भेजने की मांग बढ़ने से भी वैश्विक टैंकर बाजार पर दबाव है।

सस्ता तेल खरीदना ही पर्याप्त नहीं

कच्चे तेल की खरीद कीमत कम होना अपने आप में पूरा फायदा नहीं देता। भारत तक पहुंचने की कुल लागत में समुद्री भाड़ा, बीमा, यात्रा का समय और तेल की गुणवत्ता जैसे पहलू भी शामिल होते हैं। यदि ढुलाई खर्च बहुत अधिक हो, तो खरीद के समय मिली छूट का बड़ा हिस्सा परिवहन पर खर्च हो सकता है। इसी वजह से रिफाइनर और खरीदार केवल मूल कीमत देखकर फैसला नहीं कर सकते।

अमेरिका से भारत तक की दूरी भी ढुलाई को महंगा और लंबा बनाती है। इसके मुकाबले भारत के निकटवर्ती क्षेत्रों से मिलने वाला तेल, कीमत थोड़ी ज्यादा होने पर भी, कुल लागत के लिहाज से प्रतिस्पर्धी हो सकता है। इसलिए भारतीय रिफाइनर अलग-अलग स्रोतों, मार्गों और आपूर्ति शर्तों की तुलना कर रहे हैं।

रिफाइनरियों की क्षमता भी चुनौती

ढुलाई के अलावा रिफाइनरियों की तकनीकी क्षमता भी एक अहम सीमा है। अमेरिका और दक्षिण अमेरिका में जमा हो रहा अतिरिक्त तेल मुख्य रूप से भारी कच्चे तेल की श्रेणी में है। हर रिफाइनरी इसे समान मात्रा में और समान दक्षता से संसाधित नहीं कर सकती। रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी रिफाइनरियां भी उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और अतिरिक्त तेल को संसाधित करने की उनकी गुंजाइश सीमित है।

भारत की रिफाइनरियों को भी कच्चे तेल की गुणवत्ता के अनुसार अपने संचालन और मिश्रण की योजना बनानी पड़ती है। किसी नए स्रोत से बड़ी मात्रा में तेल खरीदने से पहले यह देखना जरूरी होता है कि रिफाइनरी उसे कितनी मात्रा में संसाधित कर सकती है और उससे कौन-कौन से उत्पाद हासिल होंगे। इसलिए कम कीमत वाला तेल उपलब्ध होने के बावजूद हर खेप तुरंत खरीदना या आयात करना संभव नहीं होता।

बाजार में बढ़ रही स्रोतों की तुलना

ऊंचे समुद्री भाड़े के बीच खरीदारों के सामने विकल्प चुनने की चुनौती है। अमेरिका से सस्ता तेल तभी लाभदायक होगा जब खरीद में मिली छूट ढुलाई, बीमा और प्रसंस्करण की अतिरिक्त लागत से अधिक हो। वहीं, निकट के आपूर्तिकर्ताओं से मिलने वाला तेल कम यात्रा समय और अपेक्षाकृत कम परिवहन खर्च के कारण बेहतर विकल्प बन सकता है।

इस समय वैश्विक तेल बाजार में केवल उत्पादन और उपलब्धता ही कीमत तय नहीं कर रहे। समुद्री मार्गों की स्थिति, टैंकरों की संख्या, बीमा खर्च और रिफाइनिंग क्षमता भी अंतिम लागत को प्रभावित कर रहे हैं। यही वजह है कि अमेरिका में तेल का भंडार बढ़ने के बावजूद भारत जैसे खरीदारों के लिए उसे हासिल करना और लाभ के साथ घर तक पहुंचाना आसान नहीं है। उपलब्धता और कीमत के बीच अब ढुलाई ही सबसे बड़ी अड़चन बनकर उभरी है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp