MP Death Certificate: घर बैठे ऐसे करें मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन, स्टेटस चेक करने का तरीका
भोपाल। मध्य प्रदेश में मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहले मृत्यु का स्थानीय निकाय में पंजीयन होना जरूरी है। प्रमाण पत्र बैंक, बीमा, पेंशन और संपत्ति से जुड़े कामों में मांगा जा सकता है। राज्य में इसके लिए MPOnline और संबंधित सरकारी ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत स्तर और शहरी क्षेत्र में नगर निगम या नगरपालिका के अधिकारी मृत्यु पंजीयन की प्रक्रिया देखते हैं। आवेदन उसी क्षेत्र के रजिस्ट्रार के पास किया जाता है, जहां मृत्यु हुई हो।
आवेदन से पहले रखें जरूरी जानकारी
ऑनलाइन आवेदन शुरू करने से पहले मृतक का पूरा नाम, मृत्यु की तारीख और स्थान, पता तथा परिवार के सदस्य या आवेदक की जानकारी तैयार रखें। यदि मृत्यु अस्पताल में हुई है, तो अस्पताल की ओर से जारी मृत्यु संबंधी रिकॉर्ड साथ रखना उपयोगी होगा। पोर्टल आवेदन के दौरान दस्तावेज अपलोड करने को कह सकता है, इसलिए उपलब्ध प्रमाण पत्रों और पहचान संबंधी कागजात की स्कैन कॉपी तैयार रखें। दस्तावेजों की सूची स्थानीय निकाय और मृत्यु की परिस्थिति के अनुसार अलग हो सकती है।
मृत्यु का पंजीयन सामान्यतः घटना के 21 दिनों के भीतर कराया जाना चाहिए। निर्धारित अवधि में सूचना देने पर पंजीयन शुल्क नहीं लगता। देरी होने पर विलंबित पंजीयन के नियम लागू हो सकते हैं और निर्धारित शुल्क या अतिरिक्त प्रक्रिया की जरूरत पड़ सकती है।
MPOnline से ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
मध्य प्रदेश के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र आवेदन की सेवा MPOnline पोर्टल और MPOnline कियोस्क के माध्यम से उपलब्ध बताई गई है। नागरिक ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण या लॉगिन करके मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित सेवा चुन सकते हैं। इसके बाद आवेदन में मृतक और मृत्यु से जुड़ी जानकारी भरें, मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करें। आवेदन जमा होने के बाद मिलने वाला आवेदन क्रमांक या रसीद सुरक्षित रखें। इसी क्रमांक से आगे आवेदन की स्थिति पता करने में मदद मिलेगी।
मध्य प्रदेश का ई-सेवा पोर्टल आवेदन ट्रैक करने और प्रमाण पत्र डाउनलोड करने के विकल्प भी दिखाता है। पोर्टल पर उपलब्ध सेवा के अनुसार मृत्यु प्रमाण पत्र खोजें, आवेदन क्रमांक भरें और स्थिति देखें। आवेदन स्वीकृत होने के बाद प्रमाण पत्र डाउनलोड करने का विकल्प उपलब्ध हो सकता है। ऑनलाइन आवेदन में परेशानी आए तो नजदीकी MPOnline कियोस्क या लोक सेवा केंद्र से मदद ली जा सकती है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कहां करें संपर्क
ग्रामीण क्षेत्र में मृत्यु पंजीयन और प्रमाण पत्र के लिए पंचायत सचिव या पंचायत के संबंधित कर्मचारी से संपर्क किया जा सकता है। शहरी क्षेत्र में नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी या नगरपालिका/नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी का कार्यालय संबंधित सेवा देखता है। मध्य प्रदेश के जिला प्रशासन की सेवा जानकारी में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग नामित अधिकारियों का उल्लेख है। आवेदन उसी स्थान के रजिस्ट्रार के पास किया जाना चाहिए जहां मृत्यु हुई थी।
यदि ऑनलाइन सुविधा से आवेदन पूरा न हो, तो स्थानीय निकाय, लोक सेवा केंद्र या MPOnline कियोस्क पर आवेदन प्रक्रिया की जानकारी लें। मृत्यु का रिकॉर्ड पहले से दर्ज है या नहीं, यह भी संबंधित कार्यालय से जांचा जा सकता है। रिकॉर्ड दर्ज होने के बाद प्रमाण पत्र की प्रति प्राप्त करने के लिए आवेदन किया जा सकता है।
देरी होने पर क्या करें?
यदि मृत्यु का पंजीयन 21 दिनों में नहीं कराया गया है, तो उसे विलंबित पंजीयन की प्रक्रिया से दर्ज कराने के लिए संबंधित रजिस्ट्रार या लोक सेवा केंद्र से संपर्क करें। एक साल से अधिक पुरानी मृत्यु के मामलों में अतिरिक्त अनुमति या दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है। मध्य प्रदेश के ई-सेवा पोर्टल पर एक वर्ष बाद मृत्यु पंजीयन की अनुमति से जुड़ी सेवा भी सूचीबद्ध है। ऐसे मामलों में सीधे आवेदन करने से पहले स्थानीय कार्यालय से लागू प्रक्रिया और दस्तावेजों की पुष्टि कर लेना बेहतर है।
मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते समय सही जानकारी भरें और जमा किए गए आवेदन की रसीद संभालकर रखें। प्रमाण पत्र में नाम, तारीख या अन्य विवरण में गलती दिखे तो संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय से सुधार की प्रक्रिया पूछें।
