वीबी-जी रामजी योजना से गांव में ही रोजगार मिलने से खुश हैं रूपवती बाई
रिपोर्टर: उमेश चौबे
रायसेन ग्रामीण क्षेत्रों में अपने गांव के पास रोजगार मिलने से श्रमिकों को आजीविका चलाने और परिवार की जिम्मेदारियां निभाने में मदद मिल रही है। रायसेन जिले के सांची जनपद के ग्राम शाहपुर की हितग्राही श्रीमती रूपवती बाई का कहना है कि वीबी-जी रामजी योजना के तहत उन्हें गांव में ही काम मिल रहा है। इससे उन्हें रोजगार की तलाश में दूसरे स्थानों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
गांव में काम मिलने से मिली सुविधा
रूपवती बाई के अनुसार, ग्राम पंचायत में ही रोजगार उपलब्ध होने से उनके समय और आने-जाने पर होने वाले खर्च की बचत होती है। गांव में काम मिलने के कारण वे परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपनी आजीविका चलाने में भी सहयोग कर पा रही हैं। उनके लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार का अवसर इसलिए उपयोगी है, क्योंकि काम के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और परिवार के पास रहकर काम किया जा सकता है।
उन्होंने योजना के माध्यम से गांव में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार जताया। रूपवती बाई ने कहा कि रोजगार मिलने से उन्हें आर्थिक मदद मिली है और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सहारा मिला है।
समय और आवागमन खर्च की बचत
ग्रामीण श्रमिकों को अक्सर काम की तलाश में अपने गांव से बाहर जाना पड़ता है। इससे यात्रा में समय और खर्च दोनों होते हैं। रूपवती बाई का कहना है कि गांव में ही काम मिलने से उन्हें इस परेशानी से राहत मिली है। ग्राम पंचायत में रोजगार मिलने के कारण उन्हें काम तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती। इससे वे अपने समय का बेहतर उपयोग कर पाती हैं और आवागमन पर खर्च होने वाली राशि भी बचती है।
उनके अनुभव के अनुसार, स्थानीय रोजगार से परिवार की जिम्मेदारियों और काम के बीच संतुलन बनाना आसान होता है। गांव में रहते हुए काम करने का अवसर मिलने से उन्हें आजीविका चलाने में मदद मिलती है। इस तरह रोजगार केवल आय का साधन नहीं, बल्कि परिवार के साथ रहते हुए काम करने की सुविधा भी देता है।
ग्रामीण आजीविका का माध्यम
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित वीबी-जी रामजी योजना श्रमिकों के लिए आजीविका का माध्यम बन रही है। योजना के तहत गांव में काम मिलने से श्रमिकों को रोजगार की तलाश में बाहर जाने की जरूरत कम पड़ती है। स्थानीय स्तर पर काम उपलब्ध होने से गांव के लोगों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार से जुड़ने का अवसर मिलता है।
रूपवती बाई को योजना के तहत गांव में रोजगार मिलने से आर्थिक संबल मिला है। उनका कहना है कि काम से उन्हें परिवार की जिम्मेदारियों के निर्वहन और अपनी आजीविका चलाने में मदद मिल रही है। ग्राम पंचायत में रोजगार उपलब्ध होने से उनके लिए काम तक पहुंचना भी सुविधाजनक हुआ है।
परिवार के साथ रहकर काम का अवसर
गांव में रोजगार मिलने का एक लाभ यह भी है कि श्रमिकों को काम और परिवार के बीच संतुलन बनाने में सुविधा होती है। रूपवती बाई के लिए अपने गांव में काम करना परिवार की जिम्मेदारियों के साथ आजीविका चलाने का अवसर है। उन्हें रोजगार की तलाश में दूसरे स्थान पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। इससे समय की बचत के साथ आवागमन का खर्च भी कम होता है।
रूपवती बाई ने योजना को ग्रामीण श्रमिकों के लिए सहायक बताते हुए कहा कि गांव में काम मिलने से उन्हें बहुत मदद हो रही है। उनका अनुभव बताता है कि जब रोजगार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होता है, तो ग्रामीणों को अपनी आजीविका चलाने के लिए दूर जाने की परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
