सर्किल जेल शिवपुरी में विधिक साक्षरता शिविर, बंदियों को दी निःशुल्क सहायता की जानकारी
शिवपुरी। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के आदेशानुसार सर्किल जेल शिवपुरी में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद सोनी के मार्गदर्शन में हुए इस शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश रंजना चतुर्वेदी ने की। शिविर का उद्देश्य बंदियों को उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों की जानकारी देना तथा उन्हें न्याय व्यवस्था से जोड़ना था।
जेल परिसर, बैरक और रसोई का निरीक्षण
कार्यक्रम की शुरुआत में सचिव रंजना चतुर्वेदी ने सर्किल जेल परिसर का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने बैरकों और रसोई घर का जायजा लिया तथा वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर उनके स्वास्थ्य, खान-पान, रहने की व्यवस्था और जेल प्रशासन की ओर से दी जा रही अन्य मूलभूत सुविधाओं के बारे में पूछा।
इस दौरान कुछ बंदियों ने अपनी व्यक्तिगत कानूनी समस्याओं और लंबित प्रकरणों से जुड़ी जानकारी उनके सामने रखी। सचिव ने उनकी बातें गंभीरता से सुनीं और संबंधित जेल अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बंदियों को यह भी बताया गया कि वे अपनी समस्या संबंधित अधिकारी तक पहुंचा सकते हैं और उपलब्ध विधिक सहायता के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
निःशुल्क अधिवक्ता और विधिक सहायता की जानकारी
शिविर में न्यायिक अधिकारियों ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि आर्थिक कठिनाई या कानूनी जानकारी के अभाव के कारण किसी व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं रहना चाहिए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पात्र जरूरतमंद लोगों को उनके मामलों में कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए काम करता है।
बंदियों को बताया गया कि वे अदालत में अपने पक्ष की पैरवी के लिए प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन लिया जा सकता है। शिविर में कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया, ताकि बंदी अपने अधिकारों और उपलब्ध सुविधाओं को जान सकें।
जेल अपील की प्रक्रिया पर मार्गदर्शन
कार्यक्रम में जेल अपील दायर करने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बंदियों को समझाया कि अपने मामले में आगे कानूनी कदम उठाने के लिए वे अपील संबंधी प्रक्रिया के बारे में विधिक सेवा प्राधिकरण से मार्गदर्शन ले सकते हैं। उच्च न्यायालय या अन्य अपीलीय न्यायालय में अपील करने के लिए आवश्यक कानूनी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराने के बारे में भी बताया गया।
शिविर का उद्देश्य बंदियों तक यह जानकारी पहुंचाना था कि उन्हें अपने मामलों की स्थिति समझने और कानून के अनुसार उपलब्ध उपायों का उपयोग करने का अधिकार है। अधिकारियों ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया को जानना और समय पर उचित मार्गदर्शन प्राप्त करना प्रत्येक बंदी के लिए उपयोगी है।
नालसा की स्प्रूहा योजना और अधिकार
शिविर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की योजनाओं की जानकारी दी गई। विशेष रूप से स्प्रूहा योजना के उद्देश्य और उसके तहत मिलने वाले मार्गदर्शन पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के माध्यम से जेलों में बंद व्यक्तियों के पुनर्वास और उनके मानवीय अधिकारों की रक्षा पर ध्यान दिया जाता है।
बंदियों को समझाया गया कि कानून सभी के लिए समान है और जेल में रहते हुए भी उनके मौलिक अधिकार सुरक्षित रहते हैं। उन्हें अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, उपलब्ध सहायता योजनाओं की जानकारी लेने और जरूरत पड़ने पर विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।
