ग्वालियर में थाटीपुर थाने के सामने प्रदर्शन के दौरान हंगामा, महिला नेत्री से मारपीट का आरोप
ग्वालियर। थाटीपुर थाने के सामने जनसमस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर भीम आर्मी युवा क्रांति संगठन के धरना-प्रदर्शन और घेराव के दौरान हंगामा हो गया। संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष राधा सैनी के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ अभद्रता और मारपीट की गई। घटना के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बनी। मिशन महाराजाबली सेना ने मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की।
पुलिस की मौजूदगी में मारपीट का आरोप
संगठन के प्रतिनिधियों के अनुसार, स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को लेकर सैकड़ों कार्यकर्ता थाटीपुर थाने के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन और घेराव करने पहुंचे थे। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की मौजूदगी में राधा सैनी के साथ बदतमीजी और हाथापाई की गई। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि घेराव को रोकने और प्रदर्शन को निष्फल करने के लिए कुछ महिलाओं को मौके पर बुलाया गया था।
संगठन के दावे के अनुसार, अंजलि पाराशर, जिन्हें उषा नाम से भी संबोधित किया गया, और उनके साथ आईं तीन-चार महिलाओं ने राधा सैनी के साथ मारपीट की। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। संगठन ने संबंधित महिलाओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे कथित तौर पर लोगों को झूठे मामलों में फंसाने और ब्लैकमेल करने में लिप्त हैं। संगठन ने अवैध हथियारों की आपूर्ति से जुड़े आरोप भी लगाए और कहा कि इस संबंध में विश्वविद्यालय थाने में पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज है।
मिशन महाराजाबली सेना ने उठाए सवाल
घटना पर नाराजगी जताते हुए मिशन महाराजाबली सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल नवरंग ने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटनाक्रम अचानक नहीं हुआ, बल्कि प्रशासन की ओर से सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाने वाले प्रतिनिधियों को दबाने का प्रयास किया गया। नवरंग ने कहा कि एक महिला नेत्री के साथ पुलिस की मौजूदगी में कथित मारपीट होना गंभीर मामला है और इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
राहुल नवरंग ने पुलिस पर आरोप लगाया कि अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है और सामाजिक संगठनों की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और प्रदर्शन के दौरान हुई घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। ये आरोप संगठन की ओर से लगाए गए हैं।
संगठन ने रखीं ये मांगें
घटना के विरोध में संगठन और समर्थकों ने पुलिस प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। संगठन ने थाटीपुर थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग की है। साथ ही राधा सैनी के साथ हुई कथित अभद्रता और मारपीट की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई।
संगठन ने सुरक्षा का हवाला देते हुए राधा सैनी और उनकी पूरी टीम को शस्त्र लाइसेंस देने की मांग भी रखी। प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रदर्शन में शामिल पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। संगठन ने प्रशासन से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
संगठन की ओर से चेतावनी दी गई कि यदि आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई और मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भूख हड़ताल सहित आंदोलन जारी रखा जाएगा। संगठन ने कहा कि न्याय मिलने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा और इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन के दौरान हुई घटना को लेकर संगठनों ने जांच और कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल संगठन की ओर से निष्पक्ष जांच, थाना प्रभारी के निलंबन और राधा सैनी व उनकी टीम की सुरक्षा की मांग की गई है।
