अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में गोल्लाचार्य बसतिका का भव्य लोकार्पण, गुरुकुलम के पंजीयन और सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुरूप विद्यालय संचालन का निर्णय
मुनि श्री मंगलानंद सागर और मुनि श्री मंगल सागर महाराज के सान्निध्य में हुआ आयोजन, मुनि श्री के गृहस्थ जीवन के पुत्र ने क्षुल्लक दीक्षा के लिए किया निवेदन
मुरैना/नवागढ़ (मनोज जैन नायक)। प्रागैतिहासिक जैन अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में नवनिर्मित गोल्लाचार्य बसतिका का लोकार्पण 11 अक्टूबर 2026 को मुनि श्री मंगलानंद सागर महाराज और मुनि श्री मंगल सागर महाराज के सान्निध्य में संपन्न हुआ। समारोह में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ नवागढ़ गुरुकुलम के पंजीयन और सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुरूप विद्यालय संचालन की दिशा में काम करने का निर्णय लिया गया।
प्राचीन जैन संस्कृति का केंद्र है नवागढ़
पंडित गुलाबचंद्र पुष्प द्वारा अन्वेषित नवागढ़ क्षेत्र प्राचीन जैन संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहरों और पुरातात्विक महत्व के लिए जाना जाता है। यहां गुरुकुलम के माध्यम से आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार देने का प्रयास किया जा रहा है। क्षेत्र में गौशाला, त्यागी-व्रतियों के लिए चौका व्यवस्था और गोल्लाचार्य बसतिका का निर्माण भी अहम उपलब्धियां हैं।
राकेश कुमार जैन की अध्यक्षता में हुआ समारोह
समारोह की अध्यक्षता राकेश कुमार जैन (लोटस, प्रीत विहार) ने की। ध्वजारोहण आदिनाथ चैनल के चेयरमैन राजेश कुमार और नीलम जैन परिवार ने किया। मुख्य अतिथि भाजपा टीकमगढ़ जिला अध्यक्ष सरोज राजपूत, युवा मोर्चा अध्यक्ष संकल्प जैन और प्रजातंत्र गंगेले रहे। ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत के निर्देशन में मांगलिक अनुष्ठान हुए, जबकि पंडित दिनेश कुमार और पंडित इंद्र कुमार ने विधि-विधान कराया। अतिथियों ने बसतिका की व्यवस्थाएं देखकर समिति के प्रयासों की सराहना की।
गोल्लाचार्य की स्मृति को समर्पित बसतिका
मुनि श्री मंगल सागर महाराज ने गोल्लाचार्य के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि चंदेल वंश के शासक यशोवर्मन ने अनेक जिनालयों का निर्माण कराया था। बाद में जैन धर्म स्वीकार कर उन्होंने नंदि संघ के वीर नंदि महाराज से दीक्षा ली और गोल्लाचार्य के रूप में जिनशासन की प्रभावना की। उन्होंने कहा कि उनकी स्मृति में बनी यह बसतिका भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।

आत्मकल्याण के मार्ग पर चलें श्रावक
मुनि श्री मंगलानंद सागर महाराज ने श्रावकों को देव, शास्त्र और गुरु के प्रति श्रद्धा रखते हुए निष्ठापूर्वक धर्माचरण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि साधु जीवन का उद्देश्य आत्मकल्याण होना चाहिए, लौकिक प्रतिष्ठा की आकांक्षा नहीं। समाज को साधु जीवन में शिथिलाचार का समर्थन नहीं करना चाहिए, क्योंकि जिनशासन की सच्ची प्रभावना ही सर्वोपरि है।
मुनि श्री के गृहस्थ जीवन के पुत्र ने किया क्षुल्लक दीक्षा का निवेदन
समारोह में मुनि श्री मंगलानंद सागर महाराज के गृहस्थ जीवन के पुत्र ब्रह्मचारी राजेश भैया ने मुनि संघ के सामने क्षुल्लक दीक्षा लेने की भावना जताते हुए 11 श्रीफल समर्पित किए। उन्होंने शीघ्र दीक्षा की इच्छा जताई और दीक्षा होने तक मिष्ठान त्यागने तथा रोज 20 घंटे मौन रहने का संकल्प लिया।
गुरुकुलम के विकास पर अहम निर्णय
गुरुकुलम ट्रस्ट कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से श्री नवागढ़ गुरुकुलम का पंजीयन कराने और सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुरूप विद्यालय संचालित करने की दिशा में काम करने का निर्णय लिया गया। बैठक में पदमचंद बांसा, आशीष कुमार सागर, डॉ. पन्नालाल (दमोह), विजय कुमार (प्रीत विहार), राकेश कुमार जैन (लोटस), इंजीनियर शिखर जैन, आनंदीलाल (लुहर्रा), महामंत्री वीरचंद, पंडित इंद्र कुमार शास्त्री और संदीप कुमार एडवोकेट सहित अन्य ट्रस्टी उपस्थित रहे। सभी ने नवागढ़ के शैक्षणिक विकास में सहयोग का संकल्प लिया।
विकास में सहयोग का आश्वासन
भाजपा टीकमगढ़ जिला अध्यक्ष सरोज राजपूत ने नवागढ़ के विकास के लिए व्यक्तिगत रूप से और शासन-प्रशासन के माध्यम से सहयोग दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने क्षेत्र के विकास से जुड़े विषय मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की बात भी कही।
सम्मान और आभार
कार्यक्रम में चातुर्मास, नवागढ़ और गुरुकुलम कमेटियों ने अतिथियों का सम्मान किया। महिला मंडल ने मातृशक्ति का सम्मान किया। गुरुकुलम अध्यक्ष राकेश कुमार जैन ने आभार व्यक्त किया और संचालन महामंत्री वीरचंद ने किया।
