क्षय रोग जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को जांच और नियमित उपचार की जानकारी दी
आठनेर। शासकीय महाविद्यालय आठनेर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत क्षय रोग निवारण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्राचार्य के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सेवा योजना की संयुक्त इकाई ने डॉ. वर्जिनिया दवंडे की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम रखा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज के लोगों को क्षय रोग के लक्षण, बचाव और जांच के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में क्षय रोग केंद्र की सीनियर टीबी लेबोरेटरी सुपरवाइजर प्रतिभा झाड़े ने विद्यार्थियों को बताया कि क्षय रोग एक संक्रामक बीमारी है। लगातार दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी रहना, बुखार आना और वजन कम होना इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने और स्वास्थ्यकर्मी से परामर्श लेने की जरूरत है। उन्होंने जागरूकता और समय पर जांच के महत्व पर भी जोर दिया।
भ्रांतियां दूर करने और भेदभाव रोकने की अपील
टीबी सुपरवाइजर ज्योति परते ने क्षय रोग से जुड़ी भ्रांतियों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रोगियों के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए और उपचार को नियमित रूप से जारी रखना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि बीमारी के बारे में सही जानकारी समाज में डर और गलत धारणाओं को कम करने में मदद कर सकती है।
कार्यक्रम के दौरान क्षय रोग नियंत्रण टीम ने विद्यार्थियों का निक्षय मित्र के रूप में पंजीयन किया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने परिवार, गांव और आसपास के लोगों तक क्षय रोग संबंधी जागरूकता का संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित करना था। पंजीकृत विद्यार्थी अपने समुदाय में बीमारी के लक्षणों, जांच और नियमित उपचार की जानकारी साझा कर सकेंगे।
जनभागीदारी से क्षय रोग उन्मूलन का संदेश
कार्यक्रम का संचालन डॉ. साधना ठाकुर ने किया। उन्होंने स्वयंसेवकों से कहा कि क्षय रोग के लक्षण होने पर समय पर जांच कराना चाहिए और स्वास्थ्यकर्मी की सलाह के अनुसार उपचार नियमित रखना चाहिए। उन्होंने सामाजिक और भावनात्मक सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि रोगियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार किया जाना चाहिए।
आयोजन के माध्यम से स्वस्थ समाज के निर्माण और क्षय रोग उन्मूलन के प्रयासों में जनभागीदारी बढ़ाने का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों को जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि सही जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
कार्यक्रम में डॉ. विकेश कुमार सिंह, डॉ. निर्मल बिश्वास, डॉ. निलेश धुर्वे तथा महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। वक्ताओं ने क्षय रोग से बचाव, लक्षणों की पहचान, जांच और नियमित उपचार से जुड़े संदेशों को परिवारों और समुदाय तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने सेवा संकल्प अभियान के तहत विद्यार्थियों को समाजहित के कार्यों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
