नौ दिवसीय अबोले का हुआ समापन, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुई शाम
बैतूल। ग्राम मुहाल कला में महिलाओं द्वारा किए जा रहे नौ दिवसीय अबोले का विधि-विधान के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर टीकाराम पाल के निवास पर अबोले के जाग (जवारे) बोए गए। विमला बाई शर्मा के मार्गदर्शन में 18 महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किया।
समापन कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया। पूजा के दौरान धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए सामूहिक आराधना की गई। अनुष्ठान के बाद रात्रि में भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। ग्रामीण महिलाओं ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए और आयोजन में सहभागिता की। भजन-कीर्तन से देर शाम तक गांव में भक्तिमय माहौल बना रहा।
सामूहिक सहभागिता से निभाई परंपरा
नौ दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन के समापन पर महिलाओं ने एक साथ पूजा-अर्चना कर अपनी आस्था व्यक्त की। टीकाराम पाल के निवास पर बोए गए जाग (जवारे) कार्यक्रम का हिस्सा रहे। विमला बाई शर्मा ने महिलाओं को पूजा-अर्चना में मार्गदर्शन दिया। आयोजन में शामिल 18 महिलाओं ने मिलकर धार्मिक अनुष्ठान पूरा किया।
ग्रामीण महिलाओं की सहभागिता से कार्यक्रम में सामूहिकता और उत्साह दिखाई दिया। पूजा के बाद आयोजित भजन-कीर्तन में महिलाओं ने श्रद्धा के साथ भक्ति गीत गाए। इस दौरान उपस्थित लोगों ने भी आयोजन का आनंद लिया।
ग्राम मुहाल कला में अबोले के समापन पर हुए पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा। महिलाओं ने धार्मिक आयोजन को विधि-विधान से पूरा कर नौ दिवसीय अबोले का समापन किया। कार्यक्रम के जरिए गांव की महिलाओं ने मिलकर परंपरा निभाई और भक्ति भाव से शाम सजाई।
