Electric Ambulance Subsidy: ई-एंबुलेंस पर कितनी मिलेगी छूट? जानें PM E-DRIVE योजना के नियम
नई दिल्ली। इलेक्ट्रिक एंबुलेंस को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने PM E-DRIVE योजना के तहत ₹500 करोड़ का प्रावधान किया है। योजना में पात्र ई-एंबुलेंस पर मिलने वाला प्रोत्साहन बैटरी क्षमता और वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत के आधार पर तय होगा। इसलिए छूट की कोई एक समान राशि नहीं है। प्रोत्साहन की गणना दो तरीकों से होगी और इनमें से जो रकम कम होगी, वही लागू होगी।
छूट की गणना कैसे होगी?
PM E-DRIVE पोर्टल के अनुसार, ई-एंबुलेंस के लिए प्रोत्साहन राशि इन दोनों में से कम होगी:
- बैटरी क्षमता के हर किलोवाट-घंटे (kWh) पर ₹30,000
- वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत का 35 प्रतिशत
उदाहरण के तौर पर, किसी पात्र एंबुलेंस की बैटरी क्षमता के हिसाब से मिलने वाली राशि यदि उसकी एक्स-फैक्ट्री कीमत के 35 प्रतिशत से अधिक बैठती है, तो प्रोत्साहन 35 प्रतिशत तक सीमित रहेगा। वास्तविक रकम वाहन के स्वीकृत मॉडल, बैटरी क्षमता और योजना के नियमों के अनुसार तय होगी।
किन एंबुलेंस श्रेणियों को मिलेगा लाभ?
योजना में AIS 125 (Part 1) के तहत निर्धारित तीन श्रेणियों की ई-एंबुलेंस शामिल हैं:
- पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल (PTV), टाइप B
- बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS), टाइप C
- एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS), टाइप D
इन श्रेणियों में आने वाली एंबुलेंस को भी लाभ तभी मिल सकेगा, जब वे योजना की पात्रता और अन्य निर्धारित शर्तें पूरी करें। इसलिए खरीद से पहले वाहन निर्माता या अधिकृत डीलर से मॉडल की पात्रता और प्रोत्साहन की गणना की पुष्टि करना जरूरी है।
₹500 करोड़ से 3,811 एंबुलेंस को समर्थन
PM E-DRIVE पोर्टल पर ई-एंबुलेंस के लिए ₹500 करोड़ का कुल फंड और 3,811 वाहनों का अधिकतम समर्थन लक्ष्य दिया गया है। यह राशि योजना के तहत पात्र वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए रखी गई है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर खरीददार को एक तय रकम सीधे मिलेगी; प्रति वाहन सहायता उसकी बैटरी और एक्स-फैक्ट्री कीमत पर निर्भर करेगी।
खरीदते समय क्या प्रक्रिया होगी?
योजना के पोर्टल के मुताबिक, पात्र इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहक के लिए PM E-DRIVE पोर्टल पर आधार फेस ऑथेंटिकेशन आधारित ई-KYC के बाद ई-वाउचर बनाया जाता है। ई-वाउचर डाउनलोड करने का लिंक ग्राहक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है। खरीददार को वाहन की पात्रता, आवश्यक पहचान विवरण और डीलरशिप पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पहले से जांच लेनी चाहिए।
ई-एंबुलेंस के लिए परिचालन दिशा-निर्देश 18 जून 2026 को जारी किए गए थे। योजना के नोटिफिकेशन और दिशानिर्देश PM E-DRIVE की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। खरीद के समय यह भी देखना चाहिए कि एंबुलेंस योजना के लिए मान्य श्रेणी में आती है और संबंधित मॉडल पर प्रोत्साहन का दावा किया जा सकता है।
खरीद से पहले इन बातों की पुष्टि करें
ई-एंबुलेंस की कीमत में सब्सिडी को पहले से निश्चित मानकर बजट न बनाएं। डीलर से बैटरी क्षमता, एक्स-फैक्ट्री कीमत और दोनों गणनाओं के आधार पर मिलने वाली संभावित राशि लिखित रूप में लें। साथ ही ई-वाउचर, आधार ई-KYC और वाहन पंजीकरण से जुड़े चरणों की जानकारी भी प्राप्त करें।
