MP Ayushman Card: किसका बनेगा कार्ड और कैसे मिलेगा ₹5 लाख तक के इलाज का लाभ? — दैनिक स्वराज वाणी
मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। योजना में सामान्य पात्र परिवार के लिए सालाना स्वास्थ्य कवर की सीमा ₹5 लाख तक है। यह राशि परिवार के लिए होती है, हर सदस्य के लिए अलग-अलग ₹5 लाख नहीं। इलाज योजना में शामिल पैकेज और तय नियमों के अनुसार ही कवर होता है। इसलिए आयुष्मान कार्ड होने का अर्थ यह नहीं है कि हर बीमारी या हर तरह का इलाज बिना शर्त मुफ्त होगा।
आयुष्मान कार्ड किन लोगों का बन सकता है?
70 वर्ष से कम आयु के लोगों के लिए पात्रता योजना के लाभार्थी डेटाबेस और लागू राज्य नियमों के आधार पर तय होती है। कार्ड बनवाने से पहले परिवार का नाम पात्र सूची में है या नहीं, यह जांचना जरूरी है। केवल मध्य प्रदेश का निवासी होना अपने-आप कार्ड के लिए पात्रता नहीं देता।
70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिक, आय की परवाह किए बिना, आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई के तहत स्वास्थ्य कवर के पात्र हैं। उनके लिए अलग “आयुष्मान वय वंदना कार्ड” जारी किया जाता है। यदि वरिष्ठ नागरिक पहले से पीएम-जेएवाई के तहत कवर परिवार में हैं, तो 70 वर्ष से अधिक आयु वाले सदस्यों को अपने लिए अतिरिक्त ₹5 लाख तक का कवर मिलता है, जिसे परिवार के 70 वर्ष से कम उम्र के सदस्यों के साथ साझा नहीं करना होता।
₹5 लाख के कवर में क्या शामिल है?
पात्र परिवार योजना के तहत हर साल सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित माध्यमिक और तृतीयक उपचार के लिए ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर इस्तेमाल कर सकता है। योजना का लाभ कैशलेस और पेपरलेस तरीके से दिया जाता है। इलाज का खर्च योजना में स्वीकृत पैकेज, अस्पताल और पात्रता की पुष्टि के अनुसार कवर होता है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की लाभार्थी जानकारी के अनुसार, योजना में भर्ती से पहले के तीन दिनों और अस्पताल से छुट्टी के बाद के 15 दिनों तक के कुछ संबंधित खर्च, जैसे जांच और दवाइयां, भी शामिल हो सकते हैं। पहले से मौजूद बीमारियों का उपचार भी योजना के नियमों और लागू पैकेज के अनुसार कवर किया जा सकता है। इलाज शुरू करने से पहले अस्पताल के आयुष्मान मित्र या योजना डेस्क से यह पुष्टि कर लें कि संबंधित बीमारी और प्रक्रिया कवर में शामिल है या नहीं। पात्रता कैसे जांचें?
पात्रता जानने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के लाभार्थी पोर्टल beneficiary.nha.gov.in पर जानकारी देखी जा सकती है। नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पताल में जाकर भी परिवार की पात्रता की जांच कराई जा सकती है। राष्ट्रीय हेल्पलाइन 14555 पर फोन करके भी योजना संबंधी जानकारी ली जा सकती है।
नाम सूची में न मिलने पर नजदीकी CSC या अस्पताल के आयुष्मान मित्र से पूछें कि पात्रता सत्यापन या परिवार के सदस्य का विवरण जोड़ने की कोई प्रक्रिया लागू है या नहीं। पात्रता की पुष्टि के बिना कार्ड बन जाने या पोर्टल पर जानकारी दिखने की उम्मीद न करें; अंतिम स्थिति आधिकारिक रिकॉर्ड और सत्यापन पर निर्भर करती है।
कार्ड बनवाने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है?
कार्ड बनवाने और पहचान सत्यापन के लिए आधार कार्ड तथा उससे जुड़ा मोबाइल नंबर मांगा जा सकता है। परिवार की पहचान और संबंध की पुष्टि के लिए राशन कार्ड या अन्य मान्य सरकारी दस्तावेज भी उपयोगी हो सकते हैं। वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड की प्रक्रिया में आधार आधारित ई-केवाईसी की जरूरत बताई गई है। दस्तावेजों की सूची और सत्यापन का तरीका पात्रता की श्रेणी और आवेदन प्रक्रिया के अनुसार अलग हो सकता है, इसलिए आवेदन से पहले CSC या अस्पताल के आयुष्मान मित्र से पूछें।
कार्ड मिलने के बाद अस्पताल में इलाज कैसे लें?
इलाज से पहले यह जांचें कि अस्पताल आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध है और संबंधित उपचार वहां उपलब्ध पैकेज के अंतर्गत आता है। अस्पताल में आयुष्मान कार्ड या पहचान संबंधी दस्तावेज दिखाकर लाभार्थी का सत्यापन कराएं। अस्पताल का आयुष्मान मित्र पात्रता, पैकेज और भर्ती की प्रक्रिया समझाने में मदद कर सकता है। योजना पूरे देश में सूचीबद्ध अस्पतालों में पोर्टेबल है, लेकिन लाभ के लिए पात्रता और उपचार पैकेज की शर्तें लागू रहेंगी।
आयुष्मान कार्ड, पात्रता या इलाज में परेशानी होने पर हेल्पलाइन 14555 पर संपर्क किया जा सकता है। कार्ड बनवाने से पहले आधिकारिक पोर्टल, CSC या सूचीबद्ध अस्पताल से जानकारी लेकर अपनी पात्रता और उपचार की शर्तें जरूर जांचें।
