बेसहारा बुजुर्गों के अंतिम संस्कार से पितृ तर्पण तक, गेहलोत ने निभाया मानवता का धर्म — दैनिक स्वराज वाणी
संवाददाता: नीलेश मेहता
नागदा। मानवता का धर्म केवल जीवित लोगों की सेवा तक सीमित नहीं है। किसी बेसहारा व्यक्ति के निधन के बाद उसे सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई देना और उसकी स्मृतियों के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखना भी सच्ची मानवीयता है। इसी भावना की मिसाल नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि ओ.पी. गेहलोत ने पेश की। वृद्धाश्रम में रहने वाले हीरालाल जी और गीता बाई के निधन पर उन्होंने उनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई और मुखाग्नि देकर उन्हें अंतिम विदाई दी। सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर दोनों दिवंगतों की आत्मशांति और मोक्ष की कामना से विधि-विधानपूर्वक तर्पण एवं पिंडदान भी किया।
गेहलोत चंबल तट के समीप बाल हनुमान मंदिर परिसर में ब्राह्मण समाज नागदा युवा संस्कार परिवार द्वारा आयोजित निःशुल्क सामूहिक पितृ तर्पण एवं पिंडदान कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने हीरालाल जी और गीता बाई के निमित्त पितृ कर्म कर उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की। उनका यह प्रयास बताता है कि रिश्तों की पहचान केवल पारिवारिक संबंधों से नहीं, बल्कि जरूरत के समय निभाए गए मानवीय दायित्वों से भी होती है।
दिवंगतों के प्रति निभाया मानवीय दायित्व
वृद्धाश्रम में रहने वाले हीरालाल जी और गीता बाई के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी गेहलोत ने निभाई थी। उन्होंने दोनों को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। इसके बाद सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर उनके निमित्त तर्पण और पिंडदान कर आत्मशांति की कामना की। सामूहिक पितृ कर्म के बीच यह अनुष्ठान दिवंगतों के प्रति उनके सम्मान और संवेदनशीलता का प्रतीक बना।
धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
पितृ तर्पण के दौरान गेहलोत ने नदी की स्वच्छता का भी ध्यान रखा। पूजा में उपयोग की गई फूल-मालाओं और अन्य सामग्री को नदी में प्रवाहित करने के बजाय एकत्र कर उचित स्थान पर रखा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि धार्मिक अनुष्ठानों के समय नदी और घाटों की स्वच्छता बनाए रखें। पूजन सामग्री को जलस्रोतों में डालने के बजाय निर्धारित स्थान पर रखें, ताकि नगर पालिका उसका उचित निपटान कर सके।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के साथ जलस्रोतों का संरक्षण करना भी सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। पूजा के बाद सामग्री का सही निपटान करने से नदी और घाटों को स्वच्छ रखने में सहयोग मिल सकता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भी इस संदेश का पालन करने की अपील की गई।
13वें वर्ष हुआ सामूहिक तर्पण
ब्राह्मण समाज नागदा युवा संस्कार परिवार के तत्वावधान में निःशुल्क सामूहिक पितृ तर्पण एवं पिंडदान कार्यक्रम लगातार 13वें वर्ष आयोजित किया गया। कार्यक्रम संयोजक नीलेश मेहता के नेतृत्व में पं. अजय पंड्या और पं. दीपक पंड्या के मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न हुआ। आयोजन का उद्देश्य सनातन परंपराओं का संरक्षण और पितरों के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान की भावना को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान ने आयोजन की सराहना की। विशिष्ट अतिथि भाजपा मंडल अध्यक्ष विजय पटेल मौजूद रहे। अमर सोलंकी, कमलेश प्रजापत, डॉ. प्रदीप रावल, डॉ. अनिल दुबे, पं. विजय पंड्या और वर्षा मेहता सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
धर्मार्थ डोम में हुआ आयोजन
बाल हनुमान मंदिर परिसर में नगर पालिका द्वारा नवनिर्मित डोम शेड में सामूहिक तर्पण एवं पिंडदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम संयोजक नीलेश मेहता ने सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष संतोष ओ.पी. गेहलोत के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डोम शेड से नगरवासियों के लिए सामूहिक धार्मिक आयोजन व्यवस्थित ढंग से कराने में सहयोग मिला।
चंबल तट पर घाट निर्माण की मांग
कार्यक्रम के दौरान चंबल तट पर व्यवस्थित घाट निर्माण की मांग भी उठाई गई। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जनप्रतिनिधियों से इस दिशा में आवश्यक पहल करने का आग्रह किया गया। आयोजकों ने कहा कि बेहतर घाट की सुविधा मिलने से नागरिक धार्मिक अनुष्ठान सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से कर सकेंगे।
