Bhinmal : अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर वाडली नाडी में 15 दिवसीय पखवाड़े का आगाज़, ‘मीना-राजू मंच’ ने पेश की मिसाल, तीन साल से ड्रॉप-आउट दर शून्य
11 से 25 अक्टूबर तक चलेंगे कार्यक्रम, 2019 में 9 बेटियों से बढ़कर आज 201 बेटियां नियमित आ रहीं विद्यालय
Bhinmal (मुकेश सोलंकी)। निकटवर्ती राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय वाडली नाडी, नवापुरा में अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर मीना-राजू मंच के तत्वावधान में 11 से 25 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले 15 दिवसीय बालिका दिवस पखवाड़े का विधिवत शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था प्रधान त्रिभुवन सिंह शेखावत ने की। गांव के प्रबुद्ध नागरिक मोड़ सिंह देवड़ा का सान्निध्य रहा, जबकि शिक्षक खीमाराम और मदनलाल राजपुरोहित विशिष्ट अतिथि रहे।
सरस्वती वंदना और मीना गीत से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती वंदना और मीना गीत “मीना बोली पढ़ना है…” से हुई। मीना मंच की छात्राओं पूजा कुमारी (कक्षा 7) और रिंकू कुमारी चौधरी (कक्षा 8) के नेतृत्व में बाल विवाह के दुष्परिणामों पर भावपूर्ण नाटिका और मिट्टी की कलाकृतियों की प्रदर्शनी प्रस्तुत की गई।
आत्मरक्षा के गुर और जागरूकता पोस्टर
शारदा कंवर और पूरी कुमारी ने बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। यह मॉडल सत्र 2019-20 से आत्मरक्षा प्रशिक्षक डॉ. घनश्याम कुमार व्यास द्वारा संचालित किया जा रहा है। जोशना, नीरज कुमार और गोपाल सिंह ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पॉक्सो एक्ट, सुकन्या समृद्धि योजना और साइबर सुरक्षा पर 25 से अधिक हस्तनिर्मित पोस्टर प्रदर्शित किए।

“रेगिस्तानी क्षेत्र में बेटी को पढ़ाना सबसे बड़ा पुण्य”
संस्था प्रधान त्रिभुवन सिंह शेखावत ने कहा, “रेगिस्तानी क्षेत्र में बेटी को पढ़ाना सबसे बड़ा पुण्य है। हमारी 41 बेटियां आज इस विद्यालय की शान हैं।”
डॉ. घनश्याम कुमार व्यास ने बताया कि वर्ष 2019 में कक्षा 6 से 8 में केवल 9 बेटियां थीं, लेकिन आज 201 बेटियां नियमित रूप से विद्यालय आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 3 वर्षों से बालिका ड्रॉप-आउट दर शून्य है और मीना मंच को जीवंत कर बेटियों को आत्मरक्षा, कानूनी अधिकारों और वित्तीय साक्षरता से सशक्त बनाया गया है।
विशिष्ट अतिथि खीमाराम और मदनलाल राजपुरोहित ने बाल विवाह अधिनियम 2006 और पॉक्सो कानून की विस्तृत जानकारी दी।
पखवाड़े के कार्यक्रम
- 12 अक्टूबर: निबंध प्रतियोगिता (विषय: मेरी बेटी, मेरा अभिमान)
- 14 अक्टूबर: रंगोली प्रतियोगिता
- 16 अक्टूबर: ग्राम चौपावतान तक जन-जागरूकता रैली
- 20 अक्टूबर: मातृ सम्मेलन एवं विधिक साक्षरता शिविर
- 25 अक्टूबर: समापन समारोह और 41 बालिकाओं का विशेष सम्मान
शपथ और सम्मान
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को लिंग समानता, बालिका शिक्षा और बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई गई। मीना मंच की बालिकाओं को ‘मीना प्रेरणा बैज’ लगाकर सम्मानित किया गया। मंच संचालन पूजा कुमारी और रिंकू कुमारी चौधरी ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर विद्यार्थी, शिक्षक और ग्रामीण उपस्थित रहे।
