Silwani में श्रीमद् भागवत कथा का समापन, पितरों की आत्मशांति के लिए हुआ था आयोजन, भंडारे में उमड़े श्रद्धालु
कथा वाचक बलराम दीक्षित बोले- श्रीमद् भागवत कथा हमें जन्म से मृत्यु तक का मार्ग दिखाती है
Silwani । नगर के मंगल भवन में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन हो गया। यह आयोजन तुलाराम कुशवाहा और उनके परिवार व साथियों के सहयोग से पितरों के तर्पण और आत्मशांति के लिए किया जा रहा था। समापन अवसर पर भंडारे का आयोजन भी हुआ।
“कर्म के अनुसार मिलती है गति”
समापन अवसर पर प्रसिद्ध युवा कथा वाचक बलराम दीक्षित ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा हमें जन्म से लेकर मृत्यु तक का मार्ग दिखाती है। उन्होंने कहा कि मनुष्य का जन्म धर्म के मार्ग पर चलने के लिए हुआ है और वह अपने कर्मों के अनुसार आगे का रास्ता तय कर उसका फल पाता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण ने बताया है कि कर्म के अनुसार ही हमें गति और सद्गति प्राप्त होती है।
सैकड़ों श्रद्धालु रहे उपस्थित
कथा के दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
भंडारे में लिया प्रसाद
कथा के समापन पर भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें सिलवानी सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और प्रसादी ग्रहण कर कथा का श्रवण किया।
(सिलवानी से संवाददाता वैभव जैन मस्ताना की रिपोर्ट)
