पवित्र चर्मण्वती के तट पर विसर्जित हुए आस्था के पिंड, नागदा में 71 पीढ़ियों की मोक्ष कामना से हुआ सामूहिक तर्पण, चंबल तट पर घाट निर्माण की मांग उठी
सर्वपितृ अमावस्या पर लगातार 12वें वर्ष निःशुल्क सामूहिक तर्पण-पिंडदान, करीब 600 श्रद्धालुओं ने की सहभागिता, वृद्धाश्रम के दिवंगत बुजुर्गों के निमित्त भी हुआ पितृकर्म
Nagda । महाकाल वन की धार्मिक परंपरा से जुड़ी प्राचीन चर्मण्वती नदी (चंबल) के तट पर सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर श्रद्धा और सनातन संस्कारों का अनूठा संगम देखने को मिला। बाल हनुमान मंदिर परिसर में ब्राह्मण समाज नागदा युवा संस्कार परिवार के तत्वावधान में लगातार 12वें वर्ष निःशुल्क सामूहिक पितृ तर्पण और पिंडदान का आयोजन हुआ। नागदा और आसपास के क्षेत्रों से लगभग 600 श्रद्धालुओं ने अपने पितरों के निमित्त तिलांजलि, जलांजलि और पिंडदान किया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 71 पीढ़ियों के निमित्त पितृकर्म
आचार्य पं. अजय पंड्या और पं. दीपक पंड्या ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन, तर्पण और पिंडदान की विधियां संपन्न कराईं। धार्मिक मान्यता के अनुसार कुटुंब की 71 पीढ़ियों के पूर्वजों की आत्मशांति और मोक्ष की कामना से श्रद्धालुओं ने पितृकर्म किया। इसके बाद पितृदेव की आरती कर श्रद्धालु चंबल तट पहुंचे, जहां विधि-विधान से पिंडों का विसर्जन किया गया। मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की उपस्थिति से वातावरण भक्तिमय हो गया।

निःशुल्क सुविधा देना है आयोजन का उद्देश्य
कार्यक्रम संयोजक निलेश मेहता ने बताया कि इस अनुष्ठान का उद्देश्य आर्थिक या अन्य कारणों से तीर्थस्थलों पर जाकर पितृकर्म न कर पाने वाले परिवारों को स्थानीय स्तर पर निःशुल्क धार्मिक सुविधा देना और युवा पीढ़ी को सनातन परंपराओं से जोड़ना है। श्रद्धालुओं को पूजन सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई गई और समापन पर फलाहार की व्यवस्था भी की गई।

वृद्धाश्रम के बुजुर्गों के निमित्त भी किया तर्पण
आयोजन में मानवीय संवेदना का भाव भी दिखा। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि ओ.पी. गहलोत ने वृद्धाश्रम में रहने वाले दो बुजुर्गों की आत्मशांति और मोक्ष की कामना से पितृ तर्पण किया। बताया गया कि इन बुजुर्गों के निधन पर उन्होंने पुत्रधर्म निभाते हुए अंतिम संस्कार में मुखाग्नि भी दी थी।

चंबल तट पर व्यवस्थित घाट निर्माण की मांग
आयोजन के दौरान चंबल तट पर स्थायी और व्यवस्थित घाट के निर्माण की आवश्यकता भी उठाई गई। समाजजनों ने नागदा-खाचरौद विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए घाट के साथ शेड का भी निर्माण कराया जाए। सर्वपितृ अमावस्या सहित अन्य धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां तर्पण और पिंडदान के लिए आते हैं, लेकिन घाट और शेड के अभाव में उन्हें असुविधा होती है।

ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान, सांसद प्रतिनिधि एवं नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि ओ.पी. गहलोत, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष विजय पटेल, कमलेश प्रजापत, मोती सिंह शेखावत, डॉ. प्रदीप रावल, डॉ. अनिल दुबे, प्रेस क्लब अध्यक्ष दीपक चौहान, संजय शर्मा, नंदकिशोर शर्मा, सुरेश उपाध्याय, देवेंद्र पांडे, चंदन सिंह व्यास, गोपाल सुनहरे, नरेंद्र शर्मा सहित कई गणमान्य नागरिक और पदाधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया।

इनका रहा सहयोग
व्यवस्थाओं में शेखर जोशी, पंडित अशोक मृदुल शर्मा, पंडित कमलेश शर्मा, पं. दिव्यांश पंड्या, दिलीप पोरवाल, सत्तू पोरवाल, अनिल मोहनभोग, वर्षा मेहता, मुकुंद मेहता और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहयोग दिया। संयोजक निलेश मेहता ने वैदिक आचार्यों, श्रद्धालुओं, अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, मीडिया और सहयोगियों का आभार जताया।
