कृष्णासिंधु तट पर गूंजे वेदमंत्र, सामूहिक तर्पण से अभिसिंचित हुई श्रद्धा
सारंगपुर। सर्वपितृ अमावस्या के पुण्य अवसर पर कृष्णासिंधु नदी के पावन तट स्थित कपिलेश्वर तीर्थ धाम में सामूहिक पिंडदान एवं तर्पण कर्म श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। प्रातःकालीन बेला में वेदमंत्रों की मंगलध्वनि के बीच श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों का स्मरण कर जलांजलि अर्पित की। नगर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए।
भारतीय संस्कृति में पितरों का स्मरण कृतज्ञता और संस्कारों की परंपरा से जुड़ा है। इसी भाव के साथ श्रद्धालुओं ने अंजलि में जल लेकर अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। आयोजन ने धार्मिक अनुष्ठान के साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश भी दिया। परिवारों और समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से पूजा-विधि में भाग लेकर परंपरा का निर्वहन किया।
शास्त्रोक्त विधि से हुआ तर्पण
पं. पवन पारीक, पं. भूपेंद्र जोशी और पं. बालकृष्ण शर्मा के मार्गदर्शन में कर्मकांड शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न कराया गया। अनुष्ठान में देव-तर्पण, ऋषि-तर्पण, दिव्य एवं मनुष्य पितृ-तर्पण, द्वितीय गोत्र-तर्पण, पत्नी-आदि तर्पण तथा भीष्म-तर्पण की विधियां शामिल रहीं। इसके बाद सूर्य को अर्घ्य देने, सूर्योपस्थान, मुखमार्जन, विसर्जन और समर्पण की प्रक्रियाएं पूरी की गईं।
वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच श्रद्धालुओं ने ज्ञात-अज्ञात पितरों का स्मरण किया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने अपने परिवार के दिवंगत सदस्यों के साथ उन सभी आत्माओं के लिए भी प्रार्थना की, जिनका स्मरण सामूहिक रूप से किया गया।
वीर सपूतों और असमय दिवंगतों को किया याद
इस आयोजन में पारिवारिक पूर्वजों के साथ मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त करने वाले वीर सपूतों को भी श्रद्धापूर्वक याद किया गया। दुर्घटनाओं में असमय दिवंगत हुए लोगों के लिए भी प्रार्थना की गई। इस पहल ने पितरों के प्रति पारिवारिक श्रद्धा को व्यापक सामाजिक संवेदना से जोड़ा। श्रद्धालुओं ने दिवंगत आत्माओं की शांति और सद्गति की कामना की।
आचार्यों का अंगवस्त्र भेंट कर अभिनंदन
आयोजन की धार्मिक गरिमा और सामाजिक महत्ता की सराहना करते हुए महादेव मित्र मंडल और सकल ब्राह्मण समाज सारंगपुर ने पं. पवन पारीक, पं. भूपेंद्र जोशी तथा पं. बालकृष्ण शर्मा का अंगवस्त्र भेंट कर अभिनंदन किया। इस दौरान सामूहिक धार्मिक आयोजन को सनातन परंपराओं के संरक्षण, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरण की दिशा में प्रेरणादायी पहल बताया गया।
राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने भी किया तर्पण
मध्य प्रदेश शासन के राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने कपिलेश्वर तीर्थ में कृष्णासिंधु नदी में स्नान कर कपिलेश्वर भगवान का पूजन किया। इसके बाद उन्होंने सामूहिक पिंडदान और तर्पण कर्म में भाग लेकर पितरों को जलांजलि अर्पित की। उन्होंने आयोजन को सामाजिक और आध्यात्मिक बंधुत्व का प्रतीक बताया। उनके अनुसार, प्रतिवर्ष सामूहिक रूप से होने वाला यह अनुष्ठान लोगों को एक सूत्र में जोड़ता है और धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में योगदान देता है।
आयोजन की सफलता पर आचार्य पं. पवन पारीक, पं. भूपेंद्र जोशी और पं. बालकृष्ण शर्मा ने नगर एवं क्षेत्र से आए श्रद्धालुओं, समाजजनों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। महादेव मित्र मंडल के अध्यक्ष जितेंद्र सोलंकी और सकल ब्राह्मण समाज सारंगपुर नगर अध्यक्ष आशुतोष वैद्य ने कहा कि कृष्णासिंधु तट पर हुआ यह आयोजन श्रद्धा, संस्कार और संस्कृति का संगम बना। सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को व्यापक रूप दिया और पूर्वजों के स्मरण के साथ परंपरा को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
