MP Divyang Pension Scheme: पात्र दिव्यांगों को हर महीने ₹600, जानें योग्यता और आवेदन का तरीका
मध्य प्रदेश में पात्र दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत हर महीने ₹600 दिए जाते हैं। आवेदन से पहले यह जानना जरूरी है कि राज्य में दिव्यांगजनों के लिए दो अलग-अलग पेंशन व्यवस्थाएं लागू हैं—समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना। दोनों की पात्रता अलग है, इसलिए आवेदक को अपनी स्थिति के अनुसार योजना चुननी चाहिए।
कितनी पेंशन मिलती है?
समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पात्र दिव्यांग हितग्राही को ₹600 प्रति माह मिलते हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना में भी कुल पेंशन राशि ₹600 प्रतिमाह है। इसमें ₹300 केंद्र सरकार और ₹300 मध्य प्रदेश सरकार का अंश शामिल है। पात्रता पूरी होने पर राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए पात्रता
राज्य सरकार की योजना में 18 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांग व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं। विभाग की जानकारी के अनुसार, दिव्यांगता कम से कम 40 प्रतिशत होनी चाहिए। आवेदक आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी या अधिकारी नहीं होना चाहिए और उसे परिवार पेंशन भी नहीं मिल रही हो। इस योजना में पात्रता का आकलन संबंधित दस्तावेजों और स्थानीय निकाय की जांच के आधार पर किया जाता है।
राष्ट्रीय पेंशन योजना की शर्तें अलग
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना केंद्र सरकार के राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत आती है। इसमें आवेदक की आयु 18 से 79 वर्ष के बीच होनी चाहिए, परिवार गरीबी रेखा से नीचे यानी BPL श्रेणी में होना चाहिए और दिव्यांगता 80 प्रतिशत या उससे अधिक होनी चाहिए। इसलिए 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाली पात्रता को इस योजना पर लागू न समझें—यह दोनों योजनाओं के बीच मुख्य अंतर है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन करते समय दस्तावेजों की सूची योजना के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। आम तौर पर आवेदक को ये कागजात तैयार रखने चाहिए:
- निर्धारित आवेदन पत्र
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र
- आयु प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- BPL कार्ड, जहां योजना में इसकी शर्त लागू हो
- बैंक खाते का विवरण
राज्य विभाग ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए फोटो, आयु प्रमाण और दिव्यांगता प्रमाण पत्र का उल्लेख किया है। राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना में तीन फोटो और BPL कार्ड भी मांगे गए हैं। आवेदन जमा करने से पहले संबंधित ग्राम पंचायत, नगर निकाय या लोक सेवा केंद्र से दस्तावेजों की अद्यतन सूची जरूर जांच लें।
कहां और कैसे करें आवेदन?
ग्रामीण क्षेत्र के आवेदक ग्राम पंचायत या जनपद पंचायत में संपर्क कर सकते हैं। शहरी क्षेत्र में आवेदन नगर निगम, नगर पालिका या नगर परिषद कार्यालय में जमा किया जा सकता है। निर्धारित प्रारूप के साथ दस्तावेज लगाकर आवेदन पदाभिहित अधिकारी के कार्यालय या लोक सेवा केंद्र में भी दिया जा सकता है। आधिकारिक जानकारी में आवेदन शुल्क निःशुल्क बताया गया है।
आवेदन जमा करने के बाद उसकी रसीद या पावती संभालकर रखें। अधिकारी दस्तावेज और पात्रता की जांच कर पेंशन स्वीकृति पर निर्णय लेते हैं। आवेदन की स्थिति जानने के लिए उसी कार्यालय या केंद्र से संपर्क करें जहां फॉर्म जमा किया गया था। पेंशन का भुगतान बैंक खाते में होने के कारण खाते का विवरण सही देना और जरूरी KYC पूरी रखना भी उपयोगी है।
आवेदन अटकने पर क्या करें?
यदि आवेदन अस्वीकृत हो या लंबे समय तक उस पर कार्रवाई न हो, तो पहले संबंधित पंचायत या नगरीय निकाय में कारण पूछें। CM Helpline की योजना जानकारी के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र में अपील अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के समक्ष की जा सकती है। शहरी क्षेत्र में कलेक्टर या अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से संपर्क किया जा सकता है।
योजना की राशि और पात्रता संबंधी नियम समय के साथ बदल सकते हैं। आवेदन से पहले मध्य प्रदेश सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग या CM Helpline के आधिकारिक पोर्टल पर नवीनतम जानकारी देख लें।
