IND vs WI: हार के बाद पिच पर बोले गौतम गंभीर, कहा- गेंदबाजों का करियर भी दांव पर
रांची। भारत और वेस्टइंडीज के बीच शुक्रवार को खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में रनों की बरसात हुई। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट पर 249 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज ने 18.3 ओवर में चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और भारत को छह विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। मैच में कुल 501 रन बने।
हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने बल्लेबाजों के पक्ष में रहने वाली पिचों और गेंदबाजों के लिए कठिन होती परिस्थितियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में बल्ले और गेंद के बीच संतुलित मुकाबला होना चाहिए। गंभीर के मुताबिक, भारतीय गेंदबाज भी टीम का हिस्सा हैं और राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है। ऐसे में उनके करियर पर भी इन परिस्थितियों का असर पड़ सकता है।
गंभीर ने पिच और ओस का किया जिक्र
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा कि दर्शक जिस तरह का मुकाबला देखना चाहते हैं, टीम भी वैसा ही क्रिकेट चाहती है। यदि दर्शक चौके-छक्के देखना चाहते हैं तो वह भी खेल का हिस्सा है, लेकिन बराबरी का मुकाबला भी जरूरी है। उनका कहना था कि जब पिच सपाट हो और ओस के कारण गेंदबाजों के लिए पकड़ बनाना मुश्किल हो, तब बल्लेबाजों को अधिक मदद मिलती है।
गंभीर ने गेंदबाजों का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने टीम में जगह बनाने के लिए मेहनत की है। उनके अनुसार, हर मैच में बल्लेबाजों को बहुत अधिक मदद मिलने से गेंदबाजों के सामने चुनौती बढ़ जाती है। कोच ने बेहतर संतुलन वाली पिचों की जरूरत पर जोर दिया, ताकि खेल में दोनों पक्षों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिले।
हार की जिम्मेदारी से टीम को बचाया नहीं
गंभीर ने पिच और ओस की परिस्थितियों का जिक्र जरूर किया, लेकिन हार का पूरा दोष इन्हीं पर नहीं डाला। उन्होंने माना कि ऐसी परिस्थितियों में गेंदबाजी करना कठिन था, फिर भी भारतीय टीम को बड़े लक्ष्य का बचाव करने का रास्ता खोजना होगा। उन्होंने कहा कि टीम विश्व चैंपियन है और उसे लगातार सुधार की कोशिश करनी चाहिए।
गंभीर ने खास तौर पर बताया कि वेस्टइंडीज की टीम शुरुआती ओवरों में विकेट गंवाने के बाद भी लक्ष्य तक पहुंची। ऐसे में भारत को यह देखना होगा कि दबाव बनाने के बावजूद विपक्षी बल्लेबाजों को रन बनाने से कैसे रोका जाए। उन्होंने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों के प्रदर्शन की भी सराहना की।
सैमसन और होप की पारियों से बना बड़ा स्कोर
भारत की ओर से संजू सैमसन ने 41 गेंदों पर 82 रन बनाए। उनकी पारी ने टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारत ने पांच विकेट पर 249 रन बनाए, लेकिन यह स्कोर भी जीत के लिए पर्याप्त नहीं रहा। वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने 45 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाए, जबकि शेरफेन रदरफोर्ड ने 84 रन की तेज पारी खेली। दोनों की बल्लेबाजी ने लक्ष्य को आसान बना दिया।
इस मुकाबले के बाद पिचों पर बल्लेबाजों और गेंदबाजों को मिलने वाली मदद को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। गंभीर का जोर इस बात पर रहा कि टी-20 क्रिकेट में बड़े स्कोर के साथ-साथ गेंदबाजों को भी मुकाबले में बने रहने का अवसर मिलना चाहिए। वहीं, उन्होंने भारतीय टीम से परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर रणनीति बनाने की अपेक्षा भी जताई।
