Indore के एरोड्रम थाने में भाजपा कार्यकर्ता से मारपीट का आरोप, गोलू शुक्ला के 400 से ज्यादा समर्थकों ने किया हंगामा, टीआई समेत 7 पुलिसकर्मी सस्पेंड
थाने में मारपीट और पत्नी से अभद्रता के आरोप, मल्हारगंज एसीपी को सौंपी गई जांच, करीब 12 घंटे चला घटनाक्रम
Indore। इंदौर के एरोड्रम थाने में शुक्रवार रात भाजपा कार्यकर्ता पं. जयदीप दुबे और उनके जीजा पंकज चौबे के साथ मारपीट करने और घसीटने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही विधायक गोलू शुक्ला के 400 से ज्यादा समर्थक थाने पहुंच गए और संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। हंगामा बढ़ने पर एडिशनल डीसीपी सुमित केरकट्टा मौके पर पहुंचे और देर रात टीआई वेदेंद्र सिंह कुशवाह समेत 7 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। इसके बाद विरोध शांत हुआ।
स्कूटी सवार से विवाद, शिकायत करने पहुंचे थे थाने
जयदीप दुबे के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे घर के पास अचानक ब्रेक लगाने की बात पर एक स्कूटी सवार ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। बीच-बचाव करने आए उनके परिवार (पत्नी और बच्चों) के साथ भी अभद्रता, मारपीट और छेड़छाड़ की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद वे एफआईआर दर्ज कराने थाने पहुंचे थे।
सीने में दर्द बताने के बावजूद सुनवाई न होने का आरोप
दुबे के अनुसार, थाने पहुंचने पर उन्होंने पुलिसकर्मियों को घटना और सीने में दर्द की जानकारी दी, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मी बार-बार कार्रवाई का आश्वासन देते रहे। रात करीब 11 बजे वे अपने जीजा पंकज चौबे के साथ दोबारा थाने पहुंचे। चौबे भाजपा मंडल उपाध्यक्ष हैं। आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के दौरान टीआई ने कहा कि वे ज्यादा नेतागीरी कर रहे हैं और विधायकों से फोन लगवा रहे हैं।
थाने में मारपीट और पत्नी से अभद्रता का आरोप
जयदीप दुबे का आरोप है कि टीआई वेदेंद्र सिंह कुशवाह, एएसआई नूर खजूर, आनंद सिंह, दिनेश मीणा, विजय वर्मा, चरण सिंह, मुकेश परमार और योगेश लश्करी ने लात-घूंसों और डंडों से मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि घटना थाने के सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। दुबे ने पत्नी और बहनोई के साथ भी मारपीट और धक्का-मुक्की का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, टीआई ने उनकी पत्नी से पूछा, “क्या तुम भी दारू पीती हो?”
पत्नी रानू दुबे बोलीं— “टीआई ने मेरे चेस्ट पर हाथ लगाकर धक्का दिया”
जयदीप दुबे की पत्नी रानू दुबे ने बताया कि वे पति और जीजा पंकज चौबे के साथ रिपोर्ट दर्ज कराने गई थीं। पहले रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई और उन्हें वेटिंग रूम में बैठा दिया गया। उनके अनुसार, बड़े साहब आए तो बार-बार पूछा गया कि क्या आप लोग शराब पीते हैं। उन्होंने कहा कि उनके यहां लहसुन-प्याज तक नहीं खाया जाता, इस पर उनके साथ बदतमीजी की गई। रानू दुबे का आरोप है कि गलत तरीके से छुआ गया और टीआई ने उनके चेस्ट पर हाथ लगाकर धक्का दिया।
पुलिस का पक्ष: मेडिकल जांच के बाद दर्ज होनी थी एफआईआर
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि थाना प्रभारी के अनुसार पीड़ित पक्ष का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा था और रिपोर्ट आते ही एफआईआर दर्ज की जानी थी। इसी बात को लेकर थाने में विवाद हुआ, जिसके बाद पंकज चौबे ने पुलिसकर्मियों पर दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि तत्काल प्रभाव से 4 से 5 पुलिसकर्मियों को वहां से हटा दिया गया है और मामले की जांच मल्हारगंज एसीपी को सौंपी गई है।
12 घंटे चला राजनीतिक और पुलिस का हाई-वोल्टेज ड्रामा
एरोड्रम क्षेत्र में शुक्रवार शाम 5:30 बजे एक विवाद से शुरू हुआ घटनाक्रम शनिवार सुबह 5 बजे तक चला। फरियादी से मारपीट, विधायक गोलू शुक्ला को फोन किए जाने, थाने पहुंचने, मेडिकल कराने और पुलिसकर्मियों पर मारपीट के आरोपों के बाद रात करीब 1 बजे समर्थकों ने एरोड्रम थाने का घेराव कर हंगामा किया। कुछ कार्यकर्ता थाने में ही धरने पर बैठ गए। देर रात थाना प्रभारी समेत 7 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। विवाद से कार्रवाई तक घटनाक्रम करीब 12 घंटे चलता रहा।
