कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के दौरान पथराव, PTI बिल्डिंग के पास 50 लोग हिरासत में; दो पुलिसकर्मी घायल
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान शनिवार को दिल्ली के कई इलाकों में तनाव और हंगामे की स्थिति बनी। कनॉट प्लेस में PTI बिल्डिंग के पास करीब 50 प्रदर्शनकारी जुटे। आरोप है कि इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। पार्टी की मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा और चुनावी प्रक्रिया में सुधार शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। पुलिस का कहना था कि तय प्रक्रिया के अनुसार अनुमति नहीं मांगी गई और सुरक्षा, कानून-व्यवस्था तथा यातायात पर असर पड़ने की आशंका थी। इसके बावजूद राजधानी में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा बढ़ाई गई।
कई जगह प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
कनॉट प्लेस, जनपथ और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों को रोककर हिरासत में लिया। PTI बिल्डिंग के पास पथराव की घटना के बाद पुलिस ने करीब 50 लोगों को पकड़ा। अन्य इलाकों में भी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबरें आईं। सुबह की रिपोर्टों में जंतर-मंतर की ओर जा रहे 150 से अधिक लोगों को हिरासत में लेने का उल्लेख था।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। अधिकारियों ने जवानों को संयम से काम लेने और उकसावे में न आने के निर्देश दिए थे। निगरानी के लिए ड्रोन और बॉडी कैमरों का इस्तेमाल भी किया गया। मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास पर प्रतिबंध तथा यातायात में बदलाव के कारण आम यात्रियों को भी परेशानी हुई।
किसान नेता वीरेंद्र पहल सोनीपत में हिरासत में
CJP प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) से जुड़े किसान नेता वीरेंद्र पहल को सोनीपत में हिरासत में लिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, गन्नौर थाना पुलिस ने उन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग-44 से पकड़ा और राय थाने ले गई। सोनीपत रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।
CJP नेताओं को भी रोका गया
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सौरव दास तथा आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने के बाद विमान के भीतर से हिरासत में लिए जाने की खबर आई। पार्टी ने इसे पहले से की गई कार्रवाई बताते हुए नेताओं को रिहा करने की मांग की। पुलिस ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी।
CJP ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि वह चुनाव आयोग से जवाबदेही और सुधार चाहती है। दूसरी ओर, पुलिस ने बिना अनुमति जुटान और संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देकर प्रदर्शन रोकने की कार्रवाई की।
पथराव की घटना की जांच
PTI बिल्डिंग के पास पथराव के आरोपों के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ शुरू की। घटना में घायल दोनों पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए भेजा गया। पथराव किसने शुरू किया और इसमें कौन-कौन शामिल था, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। प्रदर्शन के दौरान अलग-अलग स्थानों पर हुई हिरासत और सुरक्षा प्रतिबंधों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है।
