धर्मेंद्र कश्यप ने बीजेपी से दिया इस्तीफा, राज्यसभा टिकट न मिलने के बाद बढ़ी थी नाराजगी
बरेली। आंवला से पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी की उम्मीदवार सूची में नाम नहीं आने के बाद उनकी नाराजगी सामने आई थी। पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर “टाटा-बाय-बाय” लिखकर राजनीतिक हलचल बढ़ाई और फिर पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। अब उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं तेज हैं, हालांकि समाजवादी पार्टी में शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
धर्मेंद्र कश्यप ने अपने इस्तीफे के पीछे पार्टी के भीतर कथित उपेक्षा और 2024 के लोकसभा चुनाव में उनके खिलाफ काम करने वालों को तरजीह दिए जाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि चुनाव में पार्टी को कमजोर करने वाले नेताओं को संगठन में आगे स्थान मिला, जबकि पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के लोगों को अपेक्षित सम्मान नहीं मिला। उन्होंने इसी बात से आहत होकर भाजपा की सदस्यता छोड़ने की घोषणा की। ये उनके अपने आरोप हैं; पार्टी की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रिया की जानकारी इन रिपोर्टों में नहीं दी गई है।
राज्यसभा टिकट नहीं मिलने के बाद शुरू हुई थी चर्चा
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवारों की भाजपा सूची जारी होने के बाद धर्मेंद्र कश्यप की नाराजगी की खबरें सामने आई थीं। 7 अक्टूबर को उन्होंने फेसबुक पर समुद्र किनारे सूर्यास्त की तस्वीर के साथ “टाटा-बाय-बाय” लिखा। पोस्ट में उन्होंने पार्टी का नाम नहीं लिया था, लेकिन इसके बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें लगने लगीं। उन्होंने मीडिया से कहा था कि समर्थकों और कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद ही आगे का फैसला करेंगे।
धर्मेंद्र कश्यप ने यह भी कहा था कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जिन लोगों ने उनके खिलाफ काम किया, उन्हें पार्टी में आगे बैठाया जा रहा है। उनके मुताबिक, ऐसे लोगों पर कार्रवाई न होना और मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी उनके असंतोष की वजह बनी। बाद में उन्होंने भाजपा छोड़ने की घोषणा कर दी।
सपा में जाने की अटकलें, पर पुष्टि नहीं
भाजपा से इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र कश्यप की समाजवादी पार्टी में वापसी को लेकर चर्चा तेज हुई। शुक्रवार रात वह सपा नेता डॉ. अनीस बेग के जन्मदिन समारोह में दिखाई दिए। वहां उनके सपा नेताओं के साथ फोटो और वीडियो सामने आए। एक रिपोर्ट के अनुसार, कार्यक्रम में उन्होंने “ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे” गीत भी गाया। इन तस्वीरों और वीडियो के बाद उनके सपा में जाने की अटकलें और बढ़ीं।
हालांकि, धर्मेंद्र कश्यप ने सपा में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि डॉ. अनीस बेग उनके जन्मदिन पर आए थे, इसलिए वह उनके समारोह में शामिल हुए। कश्यप पहले भी कह चुके हैं कि समर्थकों से विचार-विमर्श के बाद ही अपना अगला कदम तय करेंगे। इसलिए फिलहाल किसी नई पार्टी में शामिल होने की बात को अटकल के रूप में ही देखा जा रहा है।
आंवला से दो बार सांसद रहे कश्यप
धर्मेंद्र कश्यप ने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर आंवला सीट से जीत दर्ज की थी। 2024 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले वह क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय रहे और अलग-अलग दलों के साथ काम कर चुके हैं। 2013 में वह समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में आए थे। अब भाजपा से इस्तीफे के बाद उनकी वापसी की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन पार्टी में शामिल होने का औपचारिक ऐलान अभी बाकी है।
धर्मेंद्र कश्यप के इस्तीफे से बरेली और रुहेलखंड की राजनीति में हलचल बढ़ी है। उनके समर्थक आगे की रणनीति को लेकर उनके निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। उनके अगले कदम और किसी दल में शामिल होने की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही यह तय होगा कि उनके फैसले का क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों पर क्या असर पड़ेगा।
