इंदौर के एरोड्रम थाने में भाजपा कार्यकर्ता से मारपीट का आरोप, विधायक गोलू शुक्ला के समर्थकों ने किया घेराव
इंदौर। एरोड्रम थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे एक भाजपा कार्यकर्ता और उनके साथी के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलने पर विधायक गोलू शुक्ला के समर्थक बड़ी संख्या में थाने पहुंचे और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए घेराव किया। शुक्रवार देर रात शुरू हुआ हंगामा कई घंटे तक चला। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मामला एरोड्रम थाना क्षेत्र में पड़ोसियों के बीच हुए विवाद से शुरू हुआ। शिकायत लेकर थाने पहुंचे पंडित जयदीप दुबे और भाजपा कार्यकर्ता पंकज चौबे ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनकी बात सुनने के बजाय उनसे अभद्रता की और मारपीट की। उनका यह भी आरोप था कि दोनों को थाने के भीतर ले जाकर पीटा गया। पुलिस की ओर से घटना का विस्तृत पक्ष उपलब्ध नहीं होने के कारण आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
थाने के बाहर जुटे समर्थक
घटना की जानकारी विधायक गोलू शुक्ला और उनके समर्थकों तक पहुंची तो देर रात बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एरोड्रम थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और आरोपित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। कुछ रिपोर्टों में प्रदर्शनकारियों की संख्या सैकड़ों बताई गई है, जबकि एक अन्य स्थानीय रिपोर्ट में 100 से 150 कार्यकर्ताओं के थाने पहुंचने का उल्लेख है। इसलिए भीड़ की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने थाने के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग भी उठाई। उनका दावा था कि फुटेज से थाने के भीतर हुई घटना की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। हंगामा बढ़ने पर वरिष्ठ अधिकारी थाने पहुंचे। रिपोर्टों के अनुसार, एडिशनल डीसीपी सुमित केरकट्टा ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति संभालने की कोशिश की।
पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जानकारी
मामले में पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई को लेकर अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में अलग विवरण सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में थाना प्रभारी, एसआई और एएसआई समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने की जानकारी दी गई है। अन्य रिपोर्टों में थाना प्रभारी सहित पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच करने या संख्या छह होने का उल्लेख है। ऐसे में कार्रवाई की अंतिम संख्या और आदेश की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारी आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और शिकायत पर सुनवाई की मांग कर रहे थे। अधिकारियों के आश्वासन और कार्रवाई की सूचना के बाद थाने पर जारी हंगामा शांत हुआ। घटना के बाद थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे लोगों के साथ व्यवहार और पुलिस की जवाबदेही को लेकर सवाल उठे हैं।
पड़ोसियों के विवाद से शुरू हुआ मामला
रिपोर्टों के मुताबिक, थाने पहुंचने से पहले जयदीप दुबे का अपने पड़ोसियों से विवाद हुआ था। इसी मामले में शिकायत और कार्रवाई की मांग लेकर वे थाने पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस और शिकायतकर्ताओं के बीच विवाद हुआ। विधायक गोलू शुक्ला के समर्थकों के थाने पहुंचने से मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि विधायक ने शिकायतकर्ताओं को थाने में अपनी बात रखने के लिए कहा था।
घटना को लेकर पुलिसकर्मियों पर लगे आरोपों की जांच और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल से ही थाने के भीतर हुए घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में शिकायतकर्ताओं के आरोप, समर्थकों का घेराव और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। कार्रवाई के स्वरूप और संख्या पर रिपोर्टों में अंतर होने के कारण आधिकारिक आदेश का विवरण आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।
