शासकीय महाविद्यालय नागदा में ‘भारत में शिक्षा का भविष्य’ पर पैनल चर्चा, सचिन तिवारी बोले— कौशल और तकनीक आधारित शिक्षा से संवरेगा युवाओं का भविष्य
‘शिक्षा में एआई का प्रयोग’ विषय पर हुई वाद-विवाद प्रतियोगिता, आदित्य सूर्यवंशी और पूजा प्रजापत रहे प्रथम
नागदा। स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय नागदा में ‘शिक्षा में एआई का प्रयोग’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता और ‘भारत में शिक्षा का भविष्य’ विषय पर एक दिवसीय पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। चर्चा में वक्ताओं ने बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बदलते आयामों पर अपने विचार रखे।
‘शिक्षा में एआई का प्रयोग’ पर हुई वाद-विवाद प्रतियोगिता
महाविद्यालय में 7 अक्टूबर, बुधवार को ‘शिक्षा में एआई का प्रयोग’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। विषय के पक्ष में बोलते हुए एमकॉम प्रथम सेमेस्टर के छात्र आदित्य सूर्यवंशी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं विपक्ष में बोलते हुए बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा पूजा प्रजापत प्रथम रहीं।
8 अक्टूबर को हुई पैनल चर्चा
‘भारत में शिक्षा का भविष्य’ विषय पर पैनल चर्चा 8 अक्टूबर, गुरुवार को आयोजित हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी. भास्कर रेड्डी ने की। इस बौद्धिक विमर्श में प्रांजल रंजन अवस्थी, डॉ. शिवशंकर पटेल और सचिन तिवारी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
डिजिटल साक्षरता और व्यावहारिक कौशल पर जोर
सचिन तिवारी ने कहा कि भविष्य की शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहेगी। युवाओं को डिजिटल साक्षरता और व्यावहारिक कौशल (स्किल-बेस्ड लर्निंग) से जुड़ना होगा।
शिक्षा को रोजगार और नवाचार से जोड़ने की जरूरत
प्रांजल रंजन अवस्थी ने कहा कि भारत के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए शिक्षा को रोजगार और नवाचार (इनोवेशन) से जोड़ना होगा, ताकि विद्यार्थी केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले (जॉब क्रिएटर) बन सकें।
मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य भी जरूरी
डॉ. शिवशंकर पटेल ने जोर देकर कहा कि बेहतर भविष्य के लिए विद्यार्थियों का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दुरुस्त होना जरूरी है।
प्राचार्य बोले— मील का पत्थर साबित होंगी ऐसी चर्चाएं
प्राचार्य डॉ. पी. भास्कर रेड्डी ने कहा कि नई पीढ़ी को वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करने में ऐसी चर्चाएं मील का पत्थर साबित होंगी।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। मंच का संचालन आदर्श सिंह डावर ने और आभार प्रदर्शन पुष्पा बरानिया ने किया।
